मंडी, जागरण संवाददाता। Mandi By Elections, हर चुनाव की तरह उपचुनाव में भी जनता के मुद्दे गायब हो गए है। चुनाव राष्ट्रवाद व श्रद्धांजलि के बीच उलझने लगा है। भाजपा अपने प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर के कारगिल पराक्रम को भुनाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के नाम पर वोटरों को रिझाने में लगी हुई है। कन्हैया कुमार की एंट्री से भाजपा ने राष्ट्रवाद के मुद्दे को और धार दे दी है। कारगिल युद्ध को लेकर नाचन हलके के नांडी की चुनावी सभा में प्रतिभा सिंह की ओर से दिए गए बयान को भाजपा ने मुद्दा बनाने में देर नहीं लगाई।

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प्रतिभा सिंह ने कारगिल युद्ध को छोटी लड़ाई बताया था। मामले ने तूल पकड़ा तो शाम होते-होते प्रतिभा सिंह को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ गई और उन्होंने कारगिल युद्ध को तत्कालीन वाजपेयी सरकार की विफलता बता दिया। मंडी आखिर किसकी, इस बात को लेकर भी वाकयुद्ध बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कई दिन से चुनावी सभाओं में कह रहे हैं कि मंडी उनकी थी, उनकी ही रहेगी। अब कांग्रेस उनसे पूछ रही है कि यदि मंडी आपकी है तो फिर सड़कों की हालत सुधारने की जिम्मेदारी किसकी थी।

कर्मचारियों पर गत दिनों शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह द्वारा की गई टिप्पणी को भी भाजपा भुनाने में लगी हुई है। कांग्रेस को इसको लेकर भी सफाई देनी पड़ रही है। कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी व सड़कोंं की खस्ता हालत को मुद्दा बना भाजपा को घेरने का प्रयास कर रही है, लेकिन राष्ट्रवाद व श्रद्धांजलि की चर्चा के आगे इन मुद्दों की लौ धीमी पड़ गई है।

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Edited By: Rajesh Kumar Sharma