संवाद सहयोगी, पालमपुर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांगड़ा-चंबा लोकसभा सदस्य शांता कुमार ने तेलंगाना सरकार की ओर से अपने किसानों को इस वर्ष से आठ हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रति एकड़ नकद इनपुट सब्सिडी देने के निर्णय की सराहना करते हुए सरकार को बधाई दी है। यहां जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है इस क्रांतिकारी व ऐतिहासिक निर्णय से राज्य के 72 लाख किसानों को तत्काल राहत मिलेगी और देश के अन्य राज्यों के किसानों के लिए भी नकद सब्सिडी राशि प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को प्रेषित एक पत्र में शांता कुमार ने कहा है कि अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारतीय खाद्य निगम के पुनर्नवीकरण के लिए मेरी (शांता कुमार) अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की गई थी। समिति में प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री एवं भारत सरकार के कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक गुलाटी सहित कई विषय विशेषज्ञ सदस्य थे। यह समिति गहन अध्ययन के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि भारत जैसे देश में कृषि न तो कोई आकर्षक उद्योग है और न ही इसे समाज में कोई उच्च दर्जा प्राप्त है। समिति ने यह भी पाया था कि कुछ लोग मजबूरन कृषि का कार्य कर रहे हैं, वर्ना कृषि के प्रति लोगों का आकर्षण समाप्त हो रहा है। जोकि राष्ट्रीय हित में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने देश के किसानों के हितों की रक्षा किए बिना कोई भी देश जीवित नहीं रह सकता है।

शांता कुमार ने कहा कि समिति ने जनवरी 2015 में प्रधानमंत्री को प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में भी किसानों के लिए नकद सब्सिडी देने की सिफारिश की थी। समिति का मत था कि इस तरह की नकद राशि देने से किसान सम्मानपूर्वक जीवन बसर कर सकते हैं। शांता कुमार ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि तेलंगाना इस समिति की रिपोर्ट लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

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