धर्मशाला, जागरण संवाददाता। बद्दी विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट निदेशक गुलशन संधू ने कहा कि

19 साल की उत्कृष्टता के साथ, बद्दी यूनिवर्सिटी ऑफ़ इमर्जिंग साइसेज एंड टेक्नोलॉजी, शिक्षण, अनुसंधान में प्रमुखता प्राप्त करने और क्षेत्र व देश के सामाजिक आर्थिक विकास में बहुमूल्य योगदान देने का प्रयास कर रहा है।

 

बद्दी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश के बददी में स्थित होने के कारण जो की भारत का विषम औद्योगिक केंद्र और एशिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल हब है, नौकरी प्रशिक्षण, लाइव प्रोजेक्ट अतिथि व्याख्यान पाठ्यक्रम के डिजाइन और औद्योगिक यात्राओं के लिए उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है और रोज़गार के विभिन्न प्रकार के अवसर प्रदान करवाता है। शिक्षा के क्षेत्र में न केवल एक कर्तव्य के रूप में, बल्कि समाज की उन्नति के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में बददी विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, फार्मेसी प्रबंधन अनुप्रयुक्त विज्ञान, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और कृषि में डिग्री प्रदान करवाता है।

अकादमिक ऑपशन कार्यक्रम किया शुरू

उद्योग की जनशक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए, एक प्रोत्साहन प्रदान करने और शिक्षा, छात्रों और उद्योग के लिए एक संपर्क बनाने के उद्देश्य से, बद्दी विश्वविद्यालय एक अकादमिक एडॉप्शन कार्यक्रम" की शुरुआत करने जा रहा है, जो की हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार का पहला कदम है। जिसके तहत मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अध्ययन के दौरान छात्रों को उद्योग में अकादमिक प्रदर्शन के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। कार्यक्रम के तहत उद्योग पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष से छात्रों को रोजगार देगा।

छात्र माह में पंद्रह दिन उद्योग में कार्यरत रहेंगे, जिसके लिए उन्हें दत्तक ग्रहण करने वाली कंपनी के लिए किए गए कार्य और वेतनमान: के आधार पर 7,500 रुपये से 9,000 रुपये तक का वजीफा भी दिया जाएगा। यह अर्न वाइल यू लर्न कार्यक्रम आर्थिक रूप से असक्षम परिवारों के छात्रों को एक सहायता प्रणाली प्रदान करेगी।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद छात्रों को अडॉप्ट की गई कंपनी में ही एक उपयुक्त लाभकारी रोजगार प्राप्त करवाना है, और यह कार्यक्रम छात्रों को उनकी डिग्री पूर्ण करने के साथ साथ कौशल विकास का अवसर भी प्रदान करेगा है।

Edited By: Richa Rana