संवाद सहयोगी, पालमपुर : कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विज्ञानियों का आह्वान किया है कि बीजों के लिए प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएं। वीरवार को चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में विज्ञानियों व अधिकारियों से बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए और प्रदेश को बीज आवश्यकताओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा, कोरोना महामारी के दौर में कृषि और बागवानी को वरदान मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने शहरों से पैतृक स्थानों की ओर लौटकर खेती को अपनाया। औद्योगीकरण ने युवाओं को गांवों से शहरों की ओर पलायन के लिए प्रेरित किया। कहा कि कुछ लोग खेती को हीन मानते हैं तथा युवा छोटी-छोटी नौकरियों को वरीयता देते हैं, ऐसे लोगों को खेती के अलग-अलग माडल दिए जाने चाहिए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत को किसानों को अपनाने और उन्हें अधिक आय व सुरक्षित खाद्य उत्पादन के लिए प्राकृतिक खेती या खेती के अन्य माडल अपनाने के लिए प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। इस दौरान कृषि विवि के कुलपति प्रो. हरिद्र चौधरी ने विवि की शैक्षणिक, अनुसंधान व प्रसार गतिविधियों की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। बैठक में सचिव (कृषि) डा. अजय शर्मा, विशेष सचिव (कृषि और वित्त) व राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर, निदेशक कृषि नरेश ठाकुर, निदेशक पशुपालन डा. अजमेर डोगरा, एसपीएनएफ के कार्यकारी निदेशक डा. राजेश्वर चंदेल, जाईका परियोजना के मुख्य सलाहकार डा. जेएस राणा व राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन संजीव राणा सहित अन्य मौजूद रहे।

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