पालमपुर, कुलदीप राणा। प्रशासन के आदेशों के आगे भागो देवी अपनी किस्मत हार बैठी और इस दुनिया से विदा हो गई। सरकार से आस थी कि ढह रहे मकान के लिए मदद मिल जाती लेकिन विधानसभा उपाध्यक्ष के आदेशों के एक सप्ताह बाद सरकारी अमला एक तिरपाल लेकर पहुंचा लेकिन साथ ही उसके हाथ भी बांध दिए। आदेश थे कि जिस तरीके से तिरपाल दिया गया है उसे वैसी ही हालत में वापस किया जाए। असहाय व सहमी भागो देवी ने तिरपाल का इस्तेमाल न कर उसे मकान के एक कोने में इफाजत से रख दिया ताकि इसमें जरा सी भी आंच न आए।

इसे विडंबना ही कहेंगे कि वीरवार देर रात मूसलधार बारिश हुई और भागो देवी इसी डर के साये में रही कि कहीं तिरपाल खराब न हो जाए और उसने मकान पर उसे नहीं ढकाया। रात साढे 11 बजे उसकी मौत हो गई।

ज्ञात हो कि गत पांच सितंबर को भारी बारिश होने पर टिक्करे वाली कूहल में आए पानी और मलबे से मौलीचक्क निवासी विधवा भागो देवी के कच्चे मकान के आंगन व शौचालय को काफी नुकसान पहुंचा था और मलबा घुस गया था।

मकान की दुर्दशा देखते हुए पीडि़त भागो देवी ने गत आठ सितंबर को कंडबाड़ी में आयोजित जनमंच में विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की और फौरी राहत की मांग की थी। इस पर हंसराज ने तुरंत प्रशासन को इस मामले में मदद करने के निर्देश दिए थे। जनमंच के बाद बुजुर्ग भागो देवी ने अपने मकान की दुर्दशा को देखते हुए अपनी बहू व पोती को उसके मायके भेज दिया और खुद घर में अकेली रहने लगी थी।

नायब तहसीलदार पंचरुखी कार्यालय से भागो देवी को बारिश से बचने के लिए तिरपाल तो भिजवाया गया लेकिन यह निर्देश भी साथ दिए गए कि इसे सही हालत में वापस करना पड़ेगा। वीरवार रात को बुजुर्ग भागो देवी की मौत के बाद लोगों में प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष है, वहीं गांव में शोक की लहर है। वहीं मौलीचक्क पंचायत के पूर्व उपप्रधान बिट्टू ठाकुर ने बताया कि वीरवार रात साढ़े 11 बजे बुजुर्ग भागो देवी ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को उनका दाह संस्कार किया गया है।

पूर्व विधायक ने लिया कड़ा संज्ञान

पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा ने विधवा भागो देवी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सप्ताह तक प्रशासन ने पीडि़त भागो देवी की सुध तक नहीं ली। विधवा को राहत दिलाने के लिए मौलीचक्क भाजपा इकाई अध्यक्ष कै. कर्म चंद व महामंत्री वासुदेव शर्मा के आग्रह पर वह पीडि़ता के घर पहुंचे और मामला प्रशासन के समक्ष उठाया था। रविवार का दिन होने पर सभी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया मगर नायब तहसीलदार से ही संपर्क हो सका। इसके बाद कार्यालय से तिरपाल ले जाने के आदेश दिए। पूर्व विधायक ने कहा कि कार्यालय से तिरपाल लेकर गए लोगों ने लिखवाकर लिया है कि तिरपाल जैसी स्थिति में है वैसा ही वापस करना होगा। पूर्व विधायक ने पीडि़त विधवा के निधन पर गहरा शोक जताते हुए सरकार से जानना चाहा है कि आखिर जनमंच पर स्वयं उपस्थित प्रभावित भागो देवी के मामले को प्रशासन ने इतने हल्के में क्यों लिया।

Posted By: Rajesh Sharma

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