टांडा, जागरण संवाददाता। कांगड़ा जिले में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुजुर्ग ही नहीं अब युवा भी संक्रमण की चपेट में आकर काल का ग्रास बन रहे हैं। मां की मृत्यु के पांच दिन बाद कोरोना वायरस ने बेटे की भी जान ले ली। खोली निवासी 31 वर्षीय रमन ने सोमवार को डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा में दम तोड़ दिया। रमन की मां सुकन्या देवी की 12 मई को टांडा मेडिकल कॉलेज में कोरोना से मौत हो गई थी। एक ही घर में दो मौतों से क्षेत्र में शोक लहर दौड़ गई है।

रमन का एम्स दिल्ली में ब्रेन ट्यूमर का फरवरी में ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद वह लगातार जांच के लिए दिल्ली जाता था। वहां वह कोरोना वायरस की चपेट में आ गया था। इससे उसकी मां सुकन्या भी संक्रमित हो गई थी। टांडा मेडिकल कॉलेज में मां-बेटा दोनों आइसीयू में थे। सुकन्या देवी की हालत में सुधार होने पर उन्हें आइसीयू से कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया था जहां 12 मई को उनकी मौत हो गई थी। रमन को मां की मौत के बारे में कुछ पता नहीं था।

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उसकी हालत में सुधार हुआ तो तीन दिन पहले उसे भी कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। यहां रमन ने मोबाइल फोन पर अपना फेसबुक अकाउंट ओपन किया। इसमें उसने किसी दोस्त द्वारा शेयर की गई उसकी मां की मृत्यु की पोस्ट पढ़ ली। इसके बाद उसने स्वजनों से संपर्क किया। उन्होंने दिलासा देने की कोशिश की, परंतु रमन की हालत लगातार बिगड़ती गई। सोमवार को उसकी मौत हो गई।

लगातार दो मौतों से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रमन के पिता भी कोरोना से संक्रमित हैं। उन्हें भी आइसोलेट किया गया है। रमन की करीब ढाई साल पहले शादी हुई थी। उसकी डेढ़ साल की बेटी है। खोली गांव में कुछ ही दिन में कोरोना संक्रमण से चार मौतों से लोग सहम गए हैं।

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