जागरण संवाददाता, धर्मशाला : मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के तहत क्षय रोग उन्मूलन के लिए 16 से 30 नवंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपायुक्त कार्यालय के नैनसुख सभागार में आयोजित जिला क्षयरोग निवारण समिति की बैठक में यह बात कही। उन्होंने टीबी मुक्त हिमाचल के संकल्प को पूरा करने के लिए मिलकर प्रयास करने का आग्रह किया।  क्षय रोगी की पहचान करके समय पर इलाज से बीमारी से निजात पाई जा सकती है। सभी अस्पतालों में इलाज निशुल्क किया जाता है। उन्होंने निजी स्वास्थ्य संस्थानों, समाजसेवी संस्थाओं का भी आह्वान किया कि वे सभी प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग दें। प्रदेश में इस वर्ष क्षय रोग के 14888 मामले प्रकाश में आए हैं जिसमें से 3132 मामले जिला कांगड़ा में पाए गए हैं। बिगड़ी हुई टीबी(एमडीआर)के प्रदेश में 455 मामले हैं जिसमें से 79 मामले कांगड़ा जिला के हैं। उन्होंने बताया कि क्षय रोग उन्मूलन के लिए 16 से 30 नवम्बर तक जिला में चलाए जा रहे अभियान में 2 लाख 10 हजार 370 लोग चिहिन्त किये गये हैं जिसके लिए जिला में 657 टीमें गठित की गई हैं। टीम में एक आशा कायकर्ता तथा एक स्वास्थ्य कर्ता जो घर-घर जाकर लोगों के टीबी लक्षणों के बारे में पूछेगें तथा उनकी जांच करेंगे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि जिला के 19 अस्पतालों में हैल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।

बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सूद, चाइल्ड हेल्पलाइन निदेशक रमेश मस्ताना, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. कुलदीप वरवाल, एमएस टांडा सुरिन्द्र सिंह, डेलेक अस्पताल से डॉ. सोनम व अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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