संवाद सहयोगी, धर्मशाला : जिला बाल संरक्षण कमेटी की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला में कार्य कर रहे बाल संरक्षण संस्थानों एवं विभिन्न विभागों एवं गैर सरकारी संस्थाओं से बच्चों की सुरक्षा एवं उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही अन्य सुविधाओं बारे जानकारी ली।

उन्होंने जिला में बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वाले लोगों एवं उन्हें बाल श्रम करवाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे असहाय बच्चे, जो अभी तक स्कूल तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें शिक्षा विभा स्कूलों तक लाने का प्रयास करे।

उन्होंने बताया कि जिला में छह विभिन्न बाल संरक्षण संस्थान 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ एवं असहाय बच्चों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। इन संस्थानों के माध्यम से इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए हरसंभव प्रयास सरकार एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से किए जा रहे हैं। वर्तमान में इन छह विभिन्न संस्थानों में लगभग 121 बच्चे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। बच्चों को समय-समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं, उनके बौद्विक विकास से संबंधित विभिन्न प्रकार की काउंसलिग, उचित खान-पान एवं साफ-सफाई इत्यादि संस्थानों में सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान जिला में लगभग 576 बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 29 बच्चे पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं जबकि 201 बच्चों में इस अवधि में अपने माता या पिता में से किसी एक को खो दिया है। इन सबमें 7 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड के कारण हुई है। प्रशासन प्रयासरत है कि इन बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाए।

बैठक में उप पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार व अन्य मौजूद रहे।

Edited By: Jagran