संवाद सहयोगी, ज्वालामुखी : ज्वालामुखी नगर में एडीबी (एशियन डेवेलपमेंट बैंक) की ओर से करवाए गए लगभग 50 करोड़ रुपये के विकास कार्य की मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग उठी है। हैरानी इस बात की है कि लोगों को आज तक पता नहीं चल पाया है कि यह पैसा किन-किन योजनाओं पर कितना खर्च हो रहा है। आधे अधूरे कार्य जगह जगह छोड़ दिए गए हैं, जिससे लोगों को लग रहा है कि पैसे की बर्बादी की गई है। गौरतलब है कि एडीबी ने लगभग 50 करोड़ के विकास कार्य ज्वालामुखी में करवाए हैं, जिनमें कुछ कार्य अभी भी चल रहे हैं, लेकिन एडीबी की ओर से करवाए गए कुछ कार्य मुकम्मल नहीं हो पाए हैं, जिससे लोगों में भारी रोष है। लोगों ने इस बारे कई बार स्थानीय विधायक से भी बात की है और उन्हें कई ऐसे कार्य बताए हैं जो बिना किसी योजना के कर दिए गए हैं और उनसे लोगों को कोई लाभ नहीं होने वाला है। धवाला ने इस संदर्भ में एडीबी के अधिकारियों से भी कई बार चर्चा की है और उन्होंने कई बार पर्यटन विभाग के अधिकारियों से भी यहां का दौरा करवा कर उनको वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन एडीबी के अधिकारी अभी भी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं।

धवाला ने एडीबी के अधिकारियों से आग्रह किया था कि केनोपी को मुख्य मंदिर के अंदर तक जिगजैग से जोड़ा जाए, ताकि बस अड्डे से मंदिर तक यात्री आराम से पहुंच सके, लेकिन एडीबी ने सिर्फ मंदिर की सीढि़यों तक ही केनोपी पहुंचाई है उसके आगे कई बार आग्रह किया गया कि केनोपी को मुख्य मंदिर के अंदर जिगजैग तक जोड़ा जाए, लेकिन आज दिन तक वह काम नहीं हुआ है। उधर, स्थानीय विधायक एवं योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि कई बार उन्होंने पर्यटन विभाग के बड़े अधिकारियों से भी चर्चा की, कि जो पैसा खर्च किया जाए सब को विश्वास में लेकर खर्च किया जाए, ताकि उसका लोगों को लाभ मिल सके। लेकिन यहां पर ऐसे ऐसे काम किए गए हैं जिनका कोई औचित्य ही नहीं था। तारा देवी मंदिर के पास एक ऐसा मार्ग बनाया गया है इस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं और यह मार्ग आने वाले दिनों में कभी भी गिर सकता है जिससे भारी तबाही मच सकती है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका कड़ा संज्ञान लें, ताकि जो अधूरे कार्य शेष रह गए हैं उनको पूरा किया जा सके।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप