धर्मशाला, जागरण संवाददाता। हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के हितों के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने एक बार फिर से अभियान शुरू कर दिया है। विद्यार्थी परिषद को सोमवार से शुरू हुआ यह अभियान छह दिसंबर तक चलेगा। इसके दौरान छात्र संगठन विद्यार्थी के हित की जायज मांगों को पूरा करने के लिए अलग अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगा। छह दिसंबर तक भी अगर विद्यार्थी परिषद की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो आगामी दिनों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला कांगड़ा विभाग संयोजक अभिषेक राणा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल 1949से ही विद्यार्थी व समाज हित के लिए कार्य करता आया है। इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश स्तर की कुछ प्रमुख मांगे हैं जो कि इस प्रकार हैं। मुख्य मांगों में महाविद्यालय में रिक्त पड़े शिक्षक एवं गैर शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरा जाए। यूजी के रीअपीयर के परीक्षा परिणामों को शीघ्र घोषित किया जाए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार किया जाए। छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव को बहाल किया जाए। महाविद्यालय में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए।

उन्होंने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आह्वान पर आंदोलन करेगी जिनकी तिथियां इस प्रकार हैं।

22 नवंबर: सभी जिला केंद्रों पर प्रेस विज्ञप्ति रिलीज करना।

24 नवंबर: महाविद्यालयों के प्राचार्यों को ज्ञापन सौंपना।

25 नवंबर: महाविद्यालयों में हस्ताक्षर अभियान चलना।

29 नवंबर: महाविद्यालयों में धरना प्रदर्शन।

1-2 दिसंबर: कालेजों में सांकेतिक भूख हड़ताल।

6 दिसंबर: जिला के केंद्रों पर धरना प्रदर्शन।

Edited By: Richa Rana