धर्मशाला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला समेत तीनों परिसर में मंगलवार को दूसरे दिन भी शिक्षा का पूर्ण बहिष्कार रहा। एबीवीपी ने कैंपस के मुख्य दरवाजे पर जड़ा ताला नहीं खोला। वहीं सीयू के प्रो वाइस चांसलर प्रो. एचआर शर्मा का भी घेराव किया। प्रोफेसर शर्मा ने एबीवीपी को मांगें पूरी करने के लिए 15 दिन का समय मांगा। फिर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस न लेने पर अड़ी रही।

सीयू के स्थायी कैंपस की मांग को लेकर एबीवीपी अब किसी भी समझौते को तैयार नहीं है। सीयू के तीनों कैंपस धर्मशाला, देहरा और शाहपुर में एबीवीपी कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं। एबीवीपी के जिला संयोजक अभिषेक ने कहा एक दशक से लटके सीयू के स्थायी भवन के निर्माण पर सरकारें केवल राजनीति ही कर रही हैं। सरकारें झूठे वादे कर लोगों को ग़ुमराह करती आई हैं। अब एबीवीपी का आंदोलन तभी वापस होगा, जब इसके स्थायी भवन की राह साफ होगी। 2007 में केंद्रीय विश्‍वविद्यालय खोलने की घोषणा हुई थी, लेकिन इतने साल बाद भी विवि को स्‍थायी कैंपस नहीं मिल पाया है। 2009 में विश्‍वविद्यालय अस्तित्‍व में आया था।

क्‍या कहते हैं विद्यार्थी

  • एबीवीपी का आंदोलन का रास्ता सही है। विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं तभी मिल सकती हैं जब विवि का अपना परिसर होगा। उधार के भवन छात्रों के अनुरूप नहीं बने हैं। -कोशिका, छात्रा
  • सरकारें सीयू के नाम पर राजनीति रोटियां सेंकते आई हैं, पर अब तक स्थायी परिसर नहीं मिल पाया है। मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। - नरेंद्र शर्मा, एबीवीपी इकाई अध्यक्ष, धौलाधार कैंपस सीयू।
  • हर विवि में छात्राओं के लिए अलग सुविधाएं होती है। केंद्रीय विवि के चारों कैंपस में गल्र्स कॉमन रूम न होने से परेशानी होती है। इसके अलावा छात्राओं के बैठने की उचित व्यवस्था भी नहीं है। -कोमल शर्मा, छात्रा।
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय के चार परिसर किराये के भवन में चल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को स्थायी परिसर का जल्द निर्माण करवाना चाहिए। -वैभव, छात्र।

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Posted By: Rajesh Sharma

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