शिमला, राज्य ब्यूरो । मंडी लोकसभा और तीन विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के दौरान 70 फीसद शिकायतें ऐसी आ रही हैं जिनका आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से कोई सरोकार नहीं है। ये शिकायतें केवल रंजिश और बदले की भावना से हो रही हैं। इनमें अधिकतर शिकायतें सरकारी कर्मचारियों की तैनाती, पदोन्नति के बाद उसी स्थान पर तैनाती किए जाने और कई वर्षों से एक ही स्थान पर सेवाएं प्रदान करने को लेकर हैं।

राज्य चुनाव विभाग भी ऐसी शिकायतों से हैरान है कि आखिर लोग किसी-किस तरह की शिकायतें कर रहे हैं। राज्य चुनाव विभाग के पास उन जिलों के लोगों से भी शिकायतें आने की सूचना है जहां पर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू ही नहीं है। राज्य चुनाव विभाग और जिला निर्वाचन अधिकारियों के पास अब तक करीब पचास शिकायतें आ चुकी हैं। इसमें पटवारी के एक ही स्थान पर तैनात रहने और चौकीदार को पदोन्नत कर वहीं पर तैनात किए जाने जैसी शिकायतें भी की गई हैं।

किशन कपूर की पत्नी की तैनाती की भी शिकायत

कांगड़ा के सांसद किशन कपूर की पत्नी की गृह जिला में तैनाती की शिकायत की गई। यह शिकायत भी रंजिश और फर्जी शिकायतों में शामिल की गई है। इसका उपचुनाव को प्रभावित करने से कोई सरोकार नहीं है।

किन्नौर में पटवारी की छह वर्षों से तैनात होने की शिकायत

किन्नौर में एक पटवारी के छह वर्ष से एक ही जगह तैनात होने की शिकायत की गई। कहा गया है कि इसके तैनात होने से चुनाव प्रभावित हो सकता है। जबकि उसकी न तो चुनाव में ड्यूटी है और न ही चुनाव से तैनाती का कोई संबंध। ऐसी शिकायतें अन्य जिलों से भी आई हैं।

उपचुनाव को लेकर आ रही शिकायतों में अधिकतर ऐसी शिकायतें हैं, जिनका आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से कोई सरोकार नहीं है। केवल रंजिश और बदले के कारण शिकायतें की गई हैं।

-सी पालरासू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश।

Edited By: Neeraj Kumar Azad