शिमला, राज्य ब्यूरो। कांगड़ा जिले में रविवार रात व सोमवार को 24 घंटे के दौरान 330 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे काफी नुकसान हुआ। इससे पहले 1998 में रिकार्ड 381.7 मिलीमीटर हुई थी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश से नुकसान हुआ है। सोमवार को हुई बारिश के कारण प्रदेश में करीब 185 सड़कें बंद बताई जा रही हैं। शिमला के चौपाल में 99 जबकि रोहड़ू में नौ ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। इसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। तापमान में करीब आठ डिग्री तक की गिरावट आई है।

जुब्बल में कार पर चट्टान गिरी, एक भाई की मौत, दूसरा गंभीर घायल

जिला शिमला की तहसील जुब्बल में झाल्टा कुड्डू सड़क पर कङ्क्षटडा के पास सुबह करीब आठ बजे एक कार (एचपी 10ए-6887) पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें दो सगे भाई झाल्टा से सावडा की तरफ आ रहे थे। 33 वर्षीय कुलदीप पुत्र जगदीश गांव झाल्टा तहसील जुब्बल जिला शिमला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। उसका भाई मंजीत गंभीर रूप से घायल हुआ है। मामले की पुष्टि डीएसपी रोहडू सुनील नेगी ने की है।

चौपाल में तीन मंजिला मकान जमींदोज

शिमला जिला के चौपाल उपमंडल की कुपवी तहसील में बारिश से लकड़ी से बना 16 कमरों का तीन मंजिला मकान भूस्खलन की चपेट में आकर जमींदोज हो गया। परिवार के सात सदस्य समय रहते सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे, जबकि एक युवक नरेश कुमार पुत्र श्याम, जो कमरे में सोया हुआ था, मलबे में दब गया। पंचायत भालू के भानल-सन्नत गांव में सुंदर ङ्क्षसह पुत्र हरि राम का मकान क्षतिग्रस्त हुआ।

चार घंटे बाद एकतरफा बहाल हुआ मनाली-चंडीगढ़ एनएच

मूसलधार बारिश के कारण मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग औट व पंडोह के पास भूस्खलन से बंद हो गया था, जिसे चार घंटे बाद एकतरफा बहाल किया गया। भूस्खलन से कुल्लू जिले में 22 सड़कें बाधित हुई हैं। 20 ट्रांसफार्मर ठप हुए हैं। वहीं, लाहुल-स्पीति जिले में मनाली-लेह, मनाली-काजा व तांदी-संसारी मार्ग भी बाधित हंै। ब्यास नदी में अधिक पानी आने के कारण पंडोह व लारजी बांधों के गेट भी खोल दिए हैं। मंडी जिले में पांच सड़कें बंद हैं। तीन मकान व दो पशुशालाएं गिरी हैं। 47 ट्रांसफार्मर ठप हैं।

अमित शाह ने जयराम से ली नुकसान की जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया कि, 'मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से फोन पर बात हुई है और उनसे बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी ली है। केंद्र हिमाचल के लिए हर तरह की मदद को तैयार है। एनडीआरएफ की टीमें पहुंच रही हैं। गृह मंत्रालय हर स्थिति को मानिटर कर रहा है।Ó

कांगड़ा में भारी बारिश हुई है। बादल नहीं फटा है। इस संबंध में मौसम विभाग ने करीब एक सप्ताह पूर्व ही चेतावनी जारी कर दी थी और आरेंज अलर्ट जारी किया था। अभी दो दिन बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे नुकसान की आशंका है।

-सुरेंद्र पाल, निदेशक मौसम विभाग

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प्रदेश में भारी बारिश के कारण बहुत अधिक नुकसान हुआ है। कांगड़ा में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।

-केके पंत, प्रधान सचिव राजस्व

 

24 घंटे में कहां, कितनी बारिश

स्थान,वर्षा(मिलीमीटर में)

धर्मशाला,330.6

कांगड़ा,330

पालमपुर,317.5

शाहपुर,264

भुंतर,72.4

डलहौजी,98

ऊना,80

मंडी,79

मनाली,70

Edited By: Vijay Bhushan