शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश को अगले साल दो बड़े झटके लगेंगे। केंद्र सरकार जून, 2022 के बाद राज्य को 3500 करोड़ रुपये की वार्षिक जीएसटी मुआवजा राशि बंद करेगी। साथ ही वार्षिक 2000 करोड़ रुपये की राजस्व घाटा अनुदान भी बंद होगा। केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता पर चलने वाले पहाड़ी राज्य हिमाचल के लिए अगला वर्ष बेहद चुनौतियों भरा रहने वाला है। जीएसटी मुआवजा केंद्र सरकार ने पांच साल के लिए तय किया था। देश के सभी राज्यों के साथ तय हुए फार्मूले के अनुसार प्रदेश को जुलाई, 2017 से हर साल 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मुआवजा मिलता रहा। अब यह मुआवजा बंद होगा और सरकार को अपने संसाधनों से आगे बढऩा होगा। इसी तरह से 15वें वित्तायोग की सिफारिशों को देखते हुए राजस्व घाटा अनुदान को लेकर कमी आने लगी है। वित्त वर्ष के दौरान 1100 करोड़ रुपये की कमी की गई और अगले साल 2000 करोड़ से अधिक की कमी होगी। यानी हर माह करीब 200 करोड़ रुपये की कमी का सामना करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने सामने रखी प्रदेश की आर्थिक स्थिति

नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकारों के साथ चार साल पूरे होने पर बातचीत की और राज्य की स्थिति को सामने रखा। प्रदेश को 600 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने का मामला भी उठाया। इस साल केंद्र से 400 करोड़ ब्याज मुक्त ऋण हिमाचल को मिला है।

जून से बंद होगी राशि

जून माह के बाद मुआवजे के तौर पर मिलने वाली यह राशि बंद हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान की राशि बीते साल 1100 करोड़ की कटौती हुई। 2022 में कटौती 2 हजार करोड़ से अधिक होनी है। प्रदेश को केंद्र से विशेष दर्जा मिला हुआ है। प्रदेश की अर्थ व्यवस्था केंद्रीय अनुदान के सहारे चलती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण के साथ हुई बजट पूर्व परामर्श बैठक में जयराम ठाकुर ने राज्य को मिलने वाले जीएसटी मुआवजा व राजस्व घाटा अनुदान जारी रखने का मुद्दा उठाया।

19,500 किमी सड़कों की हालत कैसे सुधरेगी

प्रदेश में करीब 38 हजार किलो मीटर लंबी सड़कें है। इनमें से 19,500 किलोमीटर सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी हैं। पीएसजीएसवाई के तहत बनी सड़कों का रखरखाव कैसे होगा। इस पर सवाल उठ रहे हैंद्ध

मंडी ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा अर्थव्यवस्था सुधारेगा

प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माण का मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी ग्रीन फील्ड हवाई अडडा बनने से पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सैलानियों की आमद बढऩे से राजस्व बढ़ेगा। केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के तहत मंडी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माण के लिए एक हजार करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त हे।

Edited By: Virender Kumar