शिमला, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में बारिश व भूस्खलन के कारण 15 मकानों को नुकसान पहुंचा है और 47 सड़कें बंद हैं। इनमें 10 सड़कें कुल्लू, नौ शिमला व आठ लाहुल-स्पीति में बंद हैं। इसके अलावा भी प्रदेश में कई मार्ग यातायात के लिए बंद हैं। रविवार को शिमला, केलंग और नाहन का अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नाहन का अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान 23.5 से मात्र 0.4 डिग्री अधिक रहा।

प्रदेश में रविवार को सबसे अधिक बारिश पालमपुर में 30 मिलीमीटर, सिरमौर के धौलाकुआं में सात, कांगड़ा के शाहपुर में 5.5, ऊना में छह, नाहन में 2.8 मिलीमीटर दर्ज की गई। इससे अधिकतम तापमान में करीब दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सात अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना है। प्रदेश में 13 जून को आए मानसून से लेकर अब तक 632 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

ऊपरी शिमला में अधिकतर संपर्क सड़कें बंद, सरकार की खुल रही पोल : छाजटा

जिला शिमला कांग्रेस अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने आरोप लगाया कि भारी बरसात में उपरी क्षेत्र में अधिकतर संपर्क सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे बागवानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेब सीजन गति पकड़ चुका है और सड़कों के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। सड़कों में गड्ढे या गड्ढों में सड़क इसमें कोई अंतर नहीं रहा है इससे सरकार द्वारा की गई व्यवस्था की पोल खुलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार आगामी उपचुनाव को लेकर ज्यादा व्यस्त दिख रही है कोरी घोषणा कर जनता को गुमराह कर रही है जनता इनकी बातों में आने वाली नहीं है। छाजटा कहा कि जगह-जगह भू-स्खलन हो रहे हैं जिससे बागवानों किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात से खराब सड़कों के कारण सेब मंडियों तक पहचाना मुश्किल हो रहा है। छाजटा ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर मानसून से लडऩे के लिए विफल साबित हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि सभी सड़कों को तुरंत खोला जाए ताकि बागवानों को किसी परेशानी का सामना ना कर पाए और उनकी फसल सुरक्षित मंडियों तक पहुंच सके।

Edited By: Virender Kumar