जागरण टीम, धर्मशाला/पालमपुर : संसद सदस्य शांता कुमार के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लिखा पत्र उजागर होने के बाद अब शांता के विरोधियों ने मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय निवासी भुवनेश सूद ने अमित शाह को भेजा पत्र मीडिया को सौंपा है और इसमें शाता कुमार पर कई आरोप लगाए हैं।

उन्होंने शांता कुमार के विवेकानंद ट्रस्ट को निशाना बनाते हुए इसे नियमों के विरुद्ध और अनैतिक करार दिया है। आरोप है कि इस ट्रस्ट को पहले सरकारी ट्रस्ट बनाया और लोगों से चंदा इकट्ठा किया और बाद में इसे निजी बना दिया। भुवनेश सूद के अनुसार इस भूमि को पूंजीपति जेपी गौड़ के हवाले कर दिया और एक निजी अस्पताल बना दिया है। इस जमीन का कुछ भाग दूसरी निजी संस्था कायाकल्प को दिलवा दिया। उन्होंने शाता कुमार की पारिवारिक संपत्ति को भी निशाना बनाते हुए कहा है कि शांता स्वयं कहते हैं कि दो वक्त की रोटी भी परिवार को बड़ी मुश्किल से मिलती थी, फिर उन्हें कहा से जादू की छड़ी मिल गई कि अब आलीशान कोठी, भव्य मॉल और कीमती भूमि बेटे, बेटियों और बहू के नाम अर्जित कर ली है। आरोप लगाया कि शांता कुमार ने राजनीतिक सीढि़यां चढ़ने के लिए विरोधियों की भी राहें रोकी हैं। उन्होंने लघु किसान संघ को भूमि के मुआवजे न देने व अन्य पिछड़ा वर्ग का विरोधी भी करार दिया है। पत्र में स्थानीय निवासी ने वही पुराने मुद्दे उठाए हैं जिन पर शांता कुमार कई बार स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।

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'स्थानीय निवासी की ओर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे पत्र पर सांसद शांता कुमार ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार किया है। उनका कहना है कि यह व्यक्तिगत पत्र है इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।'

-शांता कुमार, संसद सदस्य कांगड़ा संसदीय क्षेत्र