संवाद सहयोगी, हमीरपुर : जल जीवन मिशन के तहत हमीरपुर जिले की 13 पेयजल योजनाओं पर लगभग 147 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की जिला स्तरीय समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि पेयजल स्त्रोतों और भंडारण टैंकों की सफाई तथा पानी की टेस्टिग नियमित रूप से की जानी चाहिए। बैठक में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए इन 13 पेयजल योजनाओं के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया। अब इन्हें मंजूरी के लिए राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि 31 मार्च 2022 तक जल जीवन मिशन के तहत जिला के कुल 111217 घरों में से 104909 घरों में नल लगाए जा चुके हैं जबकि इस वित्त वर्ष में 6439 घरों में नल लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिसके तहत 6363 घरों में नल लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत जिला की 63 पेयजल योजनाएं के लिए लगभग 336 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से 30 योजनाओं का पूरा कर लिया गया है जबकि 33 योजनाओं काकार्य इसी वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 अन्य योजनाओं के शैल्फों को भी मंजूरी मिलने के बाद हमीरपुर जिला में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। उपायुक्त ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से जिला में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली।

उन्होंने जिला के सभी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जल शक्ति विभाग को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध करवाने के साथ साथ शुद्ध जल उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पानी की टेस्टिग नियमित रूप से करें तथा जहां पानी पीने योग्य नहीं हैं वहां पर साईन बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी जितेंद्र सांजटा, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी केडीएस कंवर, सीएमओ डा. आरके अग्रिहोत्री व अन्य मौजूद रहे।

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