संजय गोस्वामी, बड़सर

गर्मी का मौसम प्रचंढ होते ही बड़सर उपमंडल के दर्जनों गांवों में पेयजल किल्लत ने अपना रंग दिखना शुरू कर दिया है। कई गांवों में पानी की नियमित आपूर्ति न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि कई गांवों में एक सप्ताह बाद भी सप्लाई नहीं हो पाई है।

जलशक्ति विभाग की करोड़ों रुपये की पेयजल योजनाएं धरातल पर नाकाम साबित हो रही हैं। क्षेत्र में पानी का दुरुपयोग नियमित पानी न आने का सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि लोग नकदी फसलों व मकानों के काम में पानी का उपयोग कर रहे हैं। जलशक्ति विभाग बड़सर ने ोत्र में लगभग तीन दर्जन नल सील किए हैं जबकि एक दर्जन टुल्लू पंप जब्त किए हैं। इसके अलावा लगभग दो दर्जन प्लास्टिक पाइपों को कब्जे में लिया है।

उपमंडल की ग्रांम पंचायत घंघोटकलां, क्याराबाग, दांदडू, कुल्हेड़ा, दंदवीं, सोहारी, धबीरी, बिझड़ी, बल्ह बिहाल, टिप्पर, महारल, कठियाणा, समताना, लोहडर, ननावां, सठवीं आदि पंचायतों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। विभाग हर बार की तरह पेयजल योजनाओं में पानी की कमी होने का बहाना बनाकर पेयजल समस्या से पल्ला झाड़ रहा है। क्षेत्र की 99 गांव उठाऊ पेयजल दियोटसिद्ध, टिप्पर-अंबेहड़ी, सठवीं, महारल-सठवीं-दयोड़ा, बणी-बड़सर-गारली आदि में पानी की आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है।

प्रकाश चंद, राजेश ठाकुर, आशा देवी, कमलजीत, सुरजीत सिंह, जगदीश चंद, सुनीता देवी, राकेश कुमार, सतीश सोनी ने कहा विभाग को पानी की किल्लत के बारे में कई बार अवगत करवाया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई हैंडपंप में मिट्टीयुक्त पानी आ रहा है जो पीने लायक नहीं है।

इस मामले में सहायक अभियंता बड़सर सुरेश कुमार ने बताया बड़सर क्षेत्र में पानी की सप्लाई सुचारू रूप से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जो लोग पानी का दुरुपयोग कर रहे हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।

Posted By: Jagran

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