संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उपायुक्त ने जारी किए आदेश - भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की नियमित रूप से पेट्रोलिग करें पुलिस की टीमें

- संक्रमित व्यक्ति के प्राथमिक संपर्क में आए लोग तुरंत स्वयं को करें आइसोलेट

जागरण संवाददाता, हमीरपुर : जिला में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उपायुक्त देबाश्वेता बानिक ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 33 और 34 के तहत आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में कहा है कि जिले में सभी प्रकार के कार्यक्रमों-समारोह का आयोजन कोरोना संबंधी नियमों एवं दिशा-निर्देशोंकी अक्षरश: अनुपालना के साथ ही होना चाहिए। पंचायत स्तर पर गठित टीमों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों को इन आयोजनों पर कड़ी नजर रखनी होगी। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और शहरी निकायों के अधिकारियों को मोबाइल वैन एवं लाउड स्पीकर के माध्यम से लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति आगाह करने तथा उन्हें कोरोना संबंधी नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधीश ने सभी एसडीएम को स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार माइक्रो लेवल पर कंटेनमेंट जोन चिह्नित करने, इन कंटेनमेंट जोन की जानकारी स्थानीय कर्मचारियों के साथ साझा करने तथा वहां इन कर्मचारियों की मदद से सभी नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। पुलिस टीमों को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम 25 प्रतिशत कंटेनमेंट जोन का औचक निरीक्षण करना होगा। उन्हें स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों और प्रशासन के सहयोग से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कोरोना संबंधी नियमों की अनुपालना के लिए नियमित रूप से पेट्रोलिग करनी होगी।

सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों के उड़नदस्तों को सक्रिय रखेंगे तथा उनके माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों एवं समारोहों और कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण सुनिश्चित करेंगे। जिलाधीश के आदेश के अनुसार सभी पंचायतों को रोजाना निर्धारित प्रपत्र पर अपनी रिपोर्ट प्रेषित करनी होगी। संबंधित बीडीओ पंचायतों से प्राप्त रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ साझा करेंगे।

जिलाधीश ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला सर्विलांस अधिकारी को आदेश दिए हैं कि वे रोजाना बीएमओ से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिला में कोरोना संक्रमण की ताजा स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करवाएंगे, ताकि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकें। जिलाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि संक्रमित व्यक्ति के प्राथमिक संपर्क में आए सभी लोग तुरंत आइसोलेट होने चाहिए। स्वास्थ्य विभाग प्राथमिक संपर्क में आए सभी लोगों के टेस्ट निर्धारित अवधि के भीतर सुनिश्चित करेगा। इनके अलावा कोरोना जैसे लक्षण वाले लोगों की भी तुरंत सैंपलिंग एवं टेस्टिग होनी चाहिए। जिलाधीश ने बताया कि ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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