हमीरपुर, जेएनएन। करीब 16 साल पहले तत्कालीन अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड में हुए भर्ती घोटाले मामले में पूर्व चेयरमैन एसएम कटवाल को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले कटवाल कोर्ट से पांचवीं मोहल्लत मिलने के बाद भी आत्मसमर्पण नहीं कर रहे थे। मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने दोषी को ऊना से गिरफ्तार कर लिया। कटवाल को गिरफ्तार कर हमीरपुर कोर्ट में पेश किया गया।

गौरतलब है कि  कटवाल सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद कहां थे किसी भी एजेंसी को पता नहीं लग रहा था। कटवाल क्यों सरेंडर नहीं कर रहे हैं, इस पर भी राज बना हुआ था। उनकी गिरफ्तारी के बाद अब सारे राज एक एक कर खुलेंगे। हमीरपुर कोर्ट ने बार बार इन्हें सरेंडर करने का समय दिया लेकिन वह जानबूझ कर भूमिगत होकर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते रहे।

जानें, क्या था मामला

चिटों पर भर्ती का मामला 2001-02 का है। वर्ष 2004 में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। सेशन कोर्ट हमीरपुर ने चार लोगों को दोषी करार देते हुए एक-एक साल की सजा उन्हें सुनाई थी। जिसकी आगे अपील की गई, पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को ही बरकरार रखा और अपील को खारिज कर दिया था।

दो आरोपित पहले ही कर चुके हैं सरेंडर

दो आरोपित उम्मीदवार ऊना के मदन गोपाल और चंबा के राकेश को आत्मसमर्पण के बाद जेल भेज दिया गया। इसी मामले में बोर्ड के तत्कालीन पूर्व मेंबर विद्यानाथ को भी सरेंडर के बाद जेल भेज दिया गया। सिर्फ कटवाल ही गिरफ्तारी से अबतक बचे हुए थे। कोर्ट से लगातार उन्न्हें वारंट जारी होते रहे लेकिन वह कोर्ट में सरेंडर करने नहीं आ रहे थे। कोर्ट ने इन्हें उन्हें भगौड़ा भी घोषित कर दिया। तीन आरोपियों की तो सजा आधी पूरी होने को है, पर कटवाल का कोई सुराग नहीं लग रहा था। विजिलेंस की टीम ने उनके ऊना स्थित घर और दूसरी जगह पर तलाश को लेकर लगातार छापेमारी भी की थी, तब भी कटवाल नहीं मिले थे। 

Posted By: Sachin Mishra