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    'केंद्र ने OROP की विसंगतियां नहीं की दूर', हिमाचल के 1.34 लाख पूर्व सैनिकों में रोष; 8वें वेतन आयोग में भी नहीं निर्देश

    By Ravi Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 16 Nov 2025 03:25 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की विसंगतियों को दूर न किए जाने से नाराज हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि ज्ञापन ...और पढ़ें

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    हिमाचल के पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन की विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई है। प्रतीकात्मक फोटो

    जागरण सवाददाता, हमीरपुर। वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की विसंगतियों को दूर न किए जाने को लेकर हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों में भारी नाराजगी पनप रही है। संयुक्त मोर्चा ऑफ एक्स सर्विसमैन (जेसीओ एवं ओआर) हिमाचल प्रदेश ने आरोप लगाया है कि पूर्व सैनिकों द्वारा लगातार ज्ञापन भेजने के बावजूद केंद्र सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

    संयुक्त मोर्चा के चेयरमैन कैप्टन जगदीश वर्मा (सेवानिवृत्त), मीडिया प्रभारी नायब सूबेदार अमृतलाल तथा कोषाध्यक्ष सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान ने एक बयान में कहा कि प्रदेश के पूर्व सैनिकों ने वर्ष 2024 में हिमाचल के सभी सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को ओआरओपी की विसंगतियों के समाधान के लिए ज्ञापन भेजे थे। 

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    वास्तविक लाभ अभी भी नहीं मिल पाया

    हमीरपुर से सांसद और उस समय के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को भी यह मांग पांच बार लिखित रूप में सौंपी गई थी। उनके अनुसार सरकार यह दावा करती है कि पूर्व सैनिकों को ओआरओपी का लाभ दे दिया गया है, जबकि वास्तविक लाभ अभी भी अधिकांश पूर्व सैनिकों तक नहीं पहुंच पाया है। 

    आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना में भी नहीं निर्देश

    कैप्टन वर्मा ने कहा कि पूरे भारत में करीब 34 लाख पूर्व सैनिक और हिमाचल के लगभग 1.40 लाख पूर्व सैनिक इस समस्या से प्रभावित हैं। पूर्व सैनिक प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में घोषित आठवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन (4 नवंबर 2025) में भी ओआरओपी विसंगतियों को दूर करने के लिए कोई दिशा-निर्देश शामिल नहीं हैं।

    आयोग में समाधान न हुआ तो होगी मुश्किल

    उन्होंने चेताया कि यदि इस आयोग में भी विसंगतियों को नहीं सुलझाया गया तो आगे इसे सुधारना और भी मुश्किल हो जाएगा। कैप्टन वर्मा ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन लागू करते समय गठित वन मैन ज्यूडिशल कमीशन की रिपोर्ट न्यायाधीश लक्ष्मी नरसिम्हा रेड्डी ने 2016 में ही सरकार को सौंप दी थी, जिसे लागू करके विसंगतियों का समाधान किया जा सकता था। 

    वित्त मंत्री को पत्र भेजकर किया अनुरोध

    उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि वह हस्तक्षेप कर आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आवश्यक निर्देश जारी करें ताकि लंबे समय से लंबित विसंगतियों को दूर किया जा सके और ओआरओपी का वास्तविक लाभ पूर्व सैनिकों तक पहुंच सके।

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