6 महीने से सिरिंज नहीं, पैरासिटामोल और कैल्शियम की दवाएं भी खत्म; हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में मरीज परेशान
हमीपुर के डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मुफ्त दवाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा ...और पढ़ें

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर। जागरण
HighLights
हमीपुर मेडिकल कॉलेज में मुफ्त दवाओं की भारी कमी।
सिरिंज, कैल्शियम, पैरासिटामोल जैसी दवाएं महीनों से गायब।
मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा।
संवाद सहयोगी, हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मुफ्त दवाओं की कमी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को कई जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं, जिस कारण उन्हें बाजार से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्टोर के रिकॉर्ड अनुसार, सिरिंज करीब छह महीने और कैल्शियम की दवाएं चार महीने से उपलब्ध नहीं हैं।
सामान्य दवाएं व जरूरी सामान भी नहीं
इसके अलावा पैरासिटामोल की गोलियां व इंजेक्शन, ग्लूकोज, शुगर और ब्लड प्रेशर से संबंधित दवाओं सहित ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं, सुई और दस्ताने भी करीब तीन महीने से स्टॉक में नहीं हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 2500 मरीज ओपीडी में उपचार करवाने पहुंचते हैं। ऐसे में मुफ्त दवाओं की कमी से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
नहीं पहुंच रही सप्लाई
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मुफ्त दवाओं की खरीद के लिए मेडिकल कॉलेज को बजट उपलब्ध करवाया जाता है। स्टोर कर्मचारियों के अनुसार, सप्लाई पहुंचने पर दवाएं संबंधित विभागों को भेज दी जाती हैं। विभागों से अतिरिक्त मांग आने पर उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाता है।
अस्पताल प्रशासन दे चुका है ऑर्डर
वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि दवाओं की खरीद पोर्टल के माध्यम से होती है। ऑर्डर दिए जा चुके हैं, लेकिन सप्लाई नहीं पहुंची है। बजट की कमी के कारण बाजार से सीधे दवाएं खरीदना संभव नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देशराज शर्मा का कहना है कि अस्पताल में कुछ दवाओं की कमी है। दवाओं के ऑर्डर दिए गए हैं, लेकिन सप्लाई अभी नहीं पहुंची है। खरीद पोर्टल के माध्यम से की जाती है और बजट की कमी के कारण सीधे बाजार से दवाएं नहीं खरीदी जा सकतीं।
