संवाद सहयोगी, हमीरपुर : विकास खंड हमीरपुर की सराहकड़ गांव के जुड़वा भाई जिला के लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। हमीरपुर मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर सराहकड़ पंचायत के तहत आने वाले गांव सराहकड़ के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय सूबेदार सरवण ¨सह के घर 22 जनवरी 1938 को पैदा हुए। जुड़वा भाई सेवानिवृत मुख्याध्यापक बलदेव ¨सह रांगड़ा तथा कै. सुखदेव ¨सह रांगड़ा अपना 82वां जन्मदिन हर वर्ष की तरह इस बार भी हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। दोनों भाई सपरिवार सहित बगलामुखी माता मंदिर देहरा में हवन यज्ञ व कन्या पूजन के साथ मनाएंगे। वहीं सौभाग्य से सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक बलदेव ¨सह रांगड़ा के घर भी उनके जुड़वा पोतों हुए हैं। दोनों ही सोलन में पशुपालन विभाग में फार्मासिस्ट का कोर्स कर रहे हैं। बलदेव शिक्ष रांगड़ा ने शिक्षा विभाग में शिक्षक से लेकर मुख्याध्यापक के पद पर पहुंचकर अपनी सेवाएं देकर सेवानिवृत हुए। वहीं सुखदेव रांगड़ा ने 29 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवाएं देकर कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। दोनों भाई आपसी प्रेम और व्यवहार के चलते जिला के लोगों के लिए एक मिशाल तथा प्रेरणा के प्रतीक बने हुए हैं। दोनों भाईयों के 82 वर्ष के बाद भी आपसी प्यार तथा बचपन के दिनों की यादों के बिना नहीं रहते। बलदेव ¨सह रांगड़ा ने मुख्याध्यापक के पद से सेवानिवृति के बाद भी छह सालों तक विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर शिक्षा को ज्योति को जलाए रखने के प्रयास करते रहते हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप