जागरण संवाददाता, हमीरपुर : निषेध एवं नियंत्रण अधिनियम 1986 के अंतर्गत बाल श्रम उन्मूलन के लिए गठित जिलास्तरीय कार्य दल समिति की बैठक उपायुक्त एवं अध्यक्ष राकेश कुमार प्रजापति की अध्यक्षता में हुई।

उन्होंने कहा कि उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत 14 साल से कम आयु के किसी भी बच्चे को किसी भी रोजगार में नियोजित नहीं किया जा सकता है, यदि उपरोक्त कानून की अवेहलना करते हुए किसी नियोजक व स्थापना जैसे होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, चाय की दुकान या इसके अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर किसी बच्चे को नियोजित किया जाता है तो यह दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में ऐसी संस्थानों के मालिक या प्रबंधक को दो साल तक की कैद तथा 50 हजार रुपये जुर्माना किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने समस्त उपमंडल अधिकारियों, समस्त हेड कांस्टेबल, पुलिस अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, समस्त महाप्रबंधक, प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, समस्त जिला रोजगार अधिकारियों, समस्त कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद व नगर पंचायत, समस्त जिला कल्याण अधिकारियों व तहसील कल्याण अधिकारियों, समस्त पंचायत निरीक्षकों, समस्त जिला खाद्य व आपूर्ति नियंत्रक/सहायक नियंत्रक, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस),(सीडीपीओज), समस्त मापतोल निरीक्षकों व समस्त सहाक आवकारी एवं कराधान आयुक्तों तथा सहायक आवकारी एवं कराधान निरिक्षकों को उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत निरिक्षक नियुक्त किया गया है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल एवं किशोर अधिनियम के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि बाल श्रमिकों को नियोजित न किया जाए तथा यदि कोई संस्थान अथवा व्यक्ति बाल श्रम करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध तुरंत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं तथा ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जाए जहां बाल श्रमिक होने की संभावना हो। इस दौरान श्रम अधिकारी प्यारे लाल साहू ने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की जानकारी दी।

By Jagran