संवाद सहयोगी, हमीरपुर : हमीरपुर जिले में वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान मनरेगा के माध्यम से अभी तक 27 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। मंगलवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सम्मेलन हाल में ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त देबाश्वेता बनिक ने यह जानकारी दी। बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, ग्रामीण आजीविका मिशन, 14वें एवं 15 वें वित्त आयोग की धनराशि से जारी विकास कार्यों और अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को इन योजनाओं को गति प्रदान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष के दौरान मनरेगा के माध्यम से कुल 3155 विकास कार्य आरंभ किए गए हैं। इनमें से 262 कार्य पूरे भी कर लिए गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक रोजगार सुनिश्चित करने के लिए जिले की सभी 248 पंचायतों में नियमित मस्ट्राल जारी किए जा रहे हैं। सितंबर में ही 1642 मस्ट्राल जारी हो चुके हैं। मनरेगा के कामगारों को समय पर पेमेंट की जा रही है। जिला में इस वित्त वर्ष में पेमेंट की दर लगभग साढे़ 98 फीसद चल रही है जोकि प्रदेश की औसत से अधिक है। मनरेगा के तहत बनी परिसंपत्तियों की जियो टैगिग पर भी सभी बीडीओ विशेष रूप से फोकस करें।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में जल संरक्षण कार्यों को मनरेगा के माध्यम से गति प्रदान की जा सकती है। हर पंचायत में इन कार्यों पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर डीआरडीए के उप परियोजना अधिकारी केडीएस कंवर, एडीएम जितेंद्र सांजटा, जिला पंचायत अधिकारी हरबंस सिंह, जिला योजना अधिकारी विनोद कुमार, सभी बीडीओ और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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