जागरण संवाददाता, हमीरपुर : जिला में 19 फरवरी को राष्ट्रीय डिवर्मिग डे पर स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जाएगी। वहीं छूटे बच्चों को 24 फरवरी को दवा खिलाई जाएगी। बच्चों के पेट में कीड़ों से बच्चों को होने वाली तकलीफों को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन व स्वास्थ्य विभाग बच्चों को दवा खिलाने का कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके दौरान बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है। यह दवा बच्चों के पेट के सभी कीड़े मार देती है। इससे बच्चा स्वस्थ रहता है। वहीं इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में बच्चों को स्वच्छ रहने के बारे में भी बताया जाएगा। चिकित्सकों के अनुसार एक से 19 वर्ष के बच्चों को पेट में कीड़े होने के अधिक मामले देखे जाते हैं। बच्चों के पेट में कीड़े होने की वजह से एनिमिया, पेट में दर्द होता है। बच्चे अपने हाथों की सफाई सही तरह से नहीं रखते जिस कारण पेट में यह कीड़े पनपते हैं।

इस अभियान के तहत 1 से 2 वर्ष के बच्चों को 200 मिली ग्राम दवा तथा 2 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को एक गिलास पानी के साथ 400 ग्राम मिली ग्राम दी जाती है।

एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित टेबलेट एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित टेबलेट है। टेबलेट खाने के बाद बच्चों को हल्का चक्कर व उल्टी भी आ सकती है। यह दवा डब्लयूएचओ और भारत सरकार द्वारा अनुशसित की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सावित्री कटवाल ने बताया कि जिस बच्चे के पेट में कीड़े होते हैं, उसे ताकत व खून की कमी होने लगती है। पेट की कीड़े जहां बच्चों का खून चूसना शुरू कर देते हैं। बच्चों को थकावट होना भी शुरू हो जाती है।

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