जागरण संवाददाता, कांगड़ा : प्रदेश बेरोजगार संघ की आपातकालीन बैठक उपाध्यक्ष विजय ¨सह की अध्यक्षता में कांगड़ा में हुई। इसमें एसएमसी, पीटीए, सीएंडवी व आर्ट एंड क्राफ्ट भर्तियों को अनुबंध पर लाने की भाजपा सरकार की नीति की ¨नदा की गई। बैठक में प्रदेशभर से आए सदस्यों ने कहा कि ये शिक्षक न किसी परीक्षा के माध्यम से और न ही बैच आधार पर चयनित हुए हैं। आरएंडपी रूल में भी इस तरह की भर्ती का कोई प्रावधान नहीं है। इन नियुक्तियों का कोई मापदंड नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं ने अपने चहेतों को नौकरियां दिलाने के लिए नीति बनाई, जो न्यायसंगत नहीं है। इसलिए इन नियुक्तियों को रद किया जाए। सरकार ने उनकी मांग को नहीं माना तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। संघ के उपाध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बेरोजगारों ने भाजपा का समर्थन इसलिए किया था कि वह पूर्व सरकार की चोर दरवाजे से पीटीए, एसएमसी आदि नियुक्तियों को रद करेगी, लेकिन सरकार बनते ही चोर दरवाजे से भरे गए इन पदों के लिए पुन: नीति बनानी शुरू कर दी गई है। इससे पता चलता है कि जयराम ठाकुर सरकार भी पूर्व सरकार के भ्रष्ट तरीकों को अपना रही है। संघ ने सरकार के बजट की भी ¨नदा की है, क्योंकि इसमें बेरोजगार युवाओं के लिए कोई भी नीति नहीं बनाई गई। यह बजट बेरोजगार विरोधी है। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इन नियुक्तियों को नीति में लाने की कोशिश की तो लोकसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सूपड़ा साफ कर दिया जाएगा। संघ के सभी सदस्यों ने एक मत से प्रस्ताव पारित किया कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इस मौके पर प्रदेश बेरोजगार संघ के अध्यक्ष देवराज कौशल, उपाध्यक्ष विजय ¨सह के अलावा पालमपुर से विकास गुप्ता, धर्मशाला से नीरज शर्मा, अनूप चौधरी, प्रवीण कुमार, स्नेहलता, पंकज सैनी, मुकेश शर्मा, दीपक, कांगड़ा से मुनीष, शिमला से राजेश चौहान, रोहड़ू से कुलदीप खांगटा, सिरमौर से गुरुमीत, बिलासपुर से चिराग ठाकुर, मंडी से पवन कुमार, चंबा से मुकेश शास्त्री, एशेंद्र, कुल्लू से कुशल चंद व राजेश्वर सिपहिया आदि मौजूद रहे।