सुरेश ठाकुर, बीड़

पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बिलिंग में प्रशासन 15 मार्च से ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारियां कर रहा है। टैक्स बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों सहित स्थानीय टैक्सी परमिट गाड़ियों पर भी लगेगा। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वाहन चालकों से कितना टैक्स प्रशासन वसूलेगा, लेकिन बीड़ बि¨लग वैली टैक्सी-मैक्सी यूनियन ने यूनियन की सभी गाड़ियों को टैक्स के दायरे से बाहर करने की मांग प्रशासन से उठाई है। सदस्यों का कहना है कि इस समय यूनियन के पास 115 टैक्स परमिट गाड़ियां हैं जिनमें पर्यटकों को घाटी की सैर करवाई जाती है। सदस्यों ने बताया कि उन्हें या तो टैक्स से बाहर किया जाए या फिर टैक्स लेकर सुविधाएं मुहैया करवाईं जाएं। स्थानीय टैक्सी चालकों पर टैक्स लगे या न लगे, इस संबंध में पेश है यूनियन के सदस्यों से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

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ग्रीन टैक्स से बीड़ बि¨लग टैक्सी यूनियन को बाहर रखा जाए। यहां चालक टैक्सी चलाकर ही परिवार का पालन पोषण करते हैं। ऐसे में अगर टैक्स भरना पड़े तो परेशानी होगी।

-सुरेंद्र, प्रधान टैक्सी यूनियन बीड़-बि¨लग

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अगर प्रशासन ग्रीन टैक्स लगाना चाहता है तो उस तरह की सुविधाओं का प्रावधान भी चालकों के लिए करना होगा। स्थानीय लोगों को इसमें राहत देने का प्रावधान भी प्रशासन करे।

-नागराज, चालक

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ग्रीन टैक्स लेकर अगर इलाके का विकास होगा तो यह अच्छी पहल है। प्रशासन को इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से और सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए कदम उठाना होगा।

-विजय कुमार, चालक।

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स्थानीय टैक्सी चालकों को ग्रीन टैक्स में राहत देने का प्रावधान होना चाहिए। चालक बार-बार उक्त क्षेत्र में गाड़ी लेकर जाते हैं। ऐसे में उन पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।

-राज, चालक।

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एसडीएम बोले, तैयारियां पूरी

एसडीएम बैजनाथ विकास शुक्ला ने बताया कि ग्रीन टैक्स बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों व टैक्सी नंबर की गाड़ियों से लिया जाएगा। 15 मार्च से प्रशासन इसे लागू करेगा और इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।