जागरण संवाददाता, टांडा : डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टाडा में नशे में डॉक्टरों से गाली-गलौज व धक्कामुक्की करने के आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने मेडिपर्सन एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धाराएं बदली हैं।

नेरटी (शाहपुर) निवासी पंकज कुमार, सोनी कुमार, रिशु राणा और साहिल पर डॉ. तेंजिन डोलकर, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. रवि सिंह डोगरा व डॉ. विक्रांत धरवाल से बदतमीजी व धक्कामुक्की करने का आरोप है। डॉक्टरों के मुताबिक आरोपित रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे सर्जरी पुरुष वार्ड में नशे में शोर-शराबा कर रहे थे। जब उन्हें ऐसा करने से मना किया गया तो उन्होंने महिला डॉक्टर से बदसलूकी की। जब अन्य डॉक्टरों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वह धक्कामुक्की पर उतर आए। इस पर डॉक्टरों ने इसकी शिकायत टांडा पुलिस चौकी में की। उधर, डीएसपी पूर्ण चंद ने आरोपितों के खिलाफ मेडिपर्सन एक्ट के तहत केस दर्ज करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अभी मामले की जांच जारी है।

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ढाई घंटे हड़ताल पर रहे रेजिडेंट डॉक्टर

नशे में महिला समेत अन्य डॉक्टरों से बदसलूकी व धक्कामुक्की के विरोध में सोमवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने ढाई घंटे तक हड़ताल की और प्रदर्शन किया। उन्होंने रात को डॉक्टरों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। आरडीए के पदाधिकारियों ने बदसलूकी करने के आरोपितों के खिलाफ मेडिपर्सन एक्ट व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करने की मांग की। इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर नगरोटा बगवां के विधायक अरुण मेहरा से भी मिले और मांगें रखी। बाद में आरडीए के पदाधिकारियों ने प्राचार्य को मांगपत्र सौंपा। साढे़ 11 बजे रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ली और काम पर लौट आए। आरडीए के अध्यक्ष डॉ. गिरीश कुमार ने टेमकॉट, आरडीए शिमला व एचएमओए के पदाधिकारियों का उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया।

Posted By: Jagran