संवाद सहयोगी, धर्मशाला : प्रदेश में 10 सितंबर को प्रस्तावित निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल यात्रियों की परेशानी बढ़ाएगी। इसकी वजह यह है कि जिला कांगड़ा में स्थानीय रूटों समेत कई लंबे रूटों पर भी निजी बसें दौड़ती हैं। रोजाना हजारों यात्रियों को लाभ पहुंचाती हैं, लेकिन नौ सितंबर की रात 12 बजे से जो निजी बस जहां खड़ी होगी, 10 सितंबर की रात 12 बजे तक वहीं रहेगी। ऐसे में यात्रियों को अपने-अपने गंतव्य स्थानों पर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना ही पड़ेगा। सोमवार को सप्ताह का पहला दिन होने पर कर्मचारी वर्ग के अलावा स्कूल व कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

----------------------

ये हैं मांगें

-न्यूनतम किराया हो 10 रुपये।

-ग्रीन टैक्स को हटाया जाए।

-पुरानी बसों की खरीद का समय पांच से 10 किया जाए।

-आम किराये में भी हो बढ़ोतरी।

--------------------

यदि सरकार एक दिन की हड़ताल के बाद भी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जाएगा। हालांकि प्रदेश यूनियन के निर्देशों के मुताबिक ही हड़ताल का अगला कदम होगा।

-हैप्पी अवस्थी, अध्यक्ष निजी बस ऑपरेटर यूनियन कांगड़ा।

--------------------

जो निर्धारित रूट हैं उन पर बसें बदस्तूर चलती रहेंगी। यदि उच्चाधिकारी और ज्यादा बसों को चलाने के आदेश देते हैं, तो उसके मुताबिक यात्रियों की सुविधा के लिए बसें चला दी जाएंगी।

-पंकज चड्ढा, क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मशाला डिपो एचआरटीसी।

---------------------

अभी तक मेरे पास लिखित में ऐसी कोई सूचना नहीं है। हालांकि एक दिन की हड़ताल पर निजी बस ऑपरेटर रहेंगे यह सुना है। जिला कांगड़ा में एचआरटीसी की बसें लंबे रूटों के अलावा लोकल रूटों पर भी दौड़ रही हैं।

-डॉ. विशाल शर्मा, आरटीओ कांगड़ा।

Posted By: Jagran