टांडा, जागरण संवाददाता। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा के सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने मरीज के पेट से करीब छह किलोग्राम का ट्यूमर निकाला है। यह 90 सेंटीमीटर लंबा व 60 सेंटीमीटर चौड़ा है। विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश भारती की अगुआई में सर्जरी विभाग की टीम को ऑपरेशन करने में पांच घंटे लगे। टांडा मेडिकल कॉलेज के इतिहास में रेट्रोपेरीटोनियल ट्यूमर (सारकोमा ट्यूमर) का यह पहला बड़ा ऑपरेशन है। धर्मशाला निवासी 40 वर्षीय अशोक कुमार को विशेषज्ञों ने नया जीवन दिया है। यह ऑपरेशन 30 नवंबर को किया।

विशेषज्ञों के मुताबिक ट्यूमर इतना बड़ा था कि मरीज की दायीं किडनी बायीं तरफ पहुंच गई थी। उसे सांस लेने में दिक्कत समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अशोक कुमार नवंबर में टांडा मेडिकल कॉलेज में जांच करवाने पहुंचा था। सारी जांच के बाद पेट में बहुत बड़ा ट्यूमर होने की बात सामने आई। विशेषज्ञों ने उसे पीजीआइ चंडीगढ़ या दूसरे अस्पताल में दिखाने की सलाह दी थी, लेकिन अशोक इसके लिए राजी नहीं हुआ। इसके बाद सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश भारती ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। 30 नवंबर को डॉ. भारती ने अपनी टीम के सदस्यों डॉ. अभिनव, डॉ. कमल दत्ता, डॉ. सुनीत कटोच, डॉ. शशिकांत व डॉ. मुकुल के साथ सफल ऑपरेशन किया। मरीज अशोक कुमार को अभी विशेषज्ञों ने अपनी निगरानी में रखा है। उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है।

सारकोमा ट्यूमर का ऑपरेशन बड़ा चैलेंज था। पूरी टीम ने बेहतरीन कार्य किया। पांच घंटे के ऑपरेशन के बाद करीब छह किलोग्राम ट्यूमर निकाला गया है। यह 90 सेंटीमीटर लंबा व 60 सेंटीमीटर चौड़ा है। -डॉ. रमेश भारती, विभागाध्यक्ष सर्जरी टांडा मेडिकल कॉलेज।

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