जागरण संवाददाता, धर्मशाला : कांगड़ा जिले में रोजाना कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और मौतें भी हो रही हैं। आमतौर पर यह देखा जाता है कि कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन कांगड़ा जिले में ऐसा नहीं है। पिछले छह माह से कोरोना के मरीज आने के बावजूद जिले में ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत के साथ-साथ मांग भी नहीं बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के विभिन्न कोविड केयर सेंटरों में 600 मरीजों को रखने की व्यवस्था की है। कोविड अस्पताल धर्मशाला में 50, कोविड केयर सेंटर बैजनाथ में 100, डाढ सेंटर के सभी भवनों में करीब 200 व पौंग बांध सेंटर में 100 मरीजों के लिए व्यवस्था है। :::::::::::::::::::::::::::::::::::::

अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की कितनी मांग

कांगड़ा जिले के अस्पतालों एवं कोविड केयर सेंटरों में एक सप्ताह में करीब 120 ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत होती है। जिले के लिए अच्छी बात यह है कि कोरोना काल में भी न खपत बढ़ी और न ही मांग में वृद्धि हुई है। मार्च में मुख्य सरकारी अस्पतालों में 6500 से सात हजार लीटर ऑक्सीजन की हर सप्ताह जरूरत होती थी और अब भी यही स्थिति है।

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ऑक्सीजन सिलेंडरों की स्थिति

इस वक्त जिले में अस्पतालों के अलावा विभाग के पास करीब 90 सिलेंडर यानी चार हजार लीटर से अधिक ऑक्सीजन है। सामान्य सिलेंडर में 45 से 47 लीटर ऑक्सीजन होती है। एक सिलेंडर करीब 10 हजार रुपये का होता है। इसके अलावा विभाग के पास अत्याधुनिक 200 कंसंट्रेटर किटें हैं। इन किटों में 20 लीटर वाले ऑक्सीजन सिलेंडर होते हैं।

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विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। कोरोना मरीजों को सांस की बीमारी नहीं होती है, इसलिए कोरोना काल में भी ऑक्सीजन सिलेंडरों की मांग नहीं बढ़ी है।

-डॉ. विक्रम कटोच, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा

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