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बहुत नाइंसाफी है...फोरलेन अधूरा और टोल पूरा, मटौर-शिमला हाइवे पर दोगुनी से भी अधिक बढ़ीं दरें; लोगों का छलका दर्द

By Manoj Kumar SharmaEdited By: Prince Sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 01:17 PM (IST)

मटौर-शिमला फोरलेन पर निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल दरों में दोगुने से ...और पढ़ें

समेला के पास सूनी पड़ी नई सुरंगें। यहां पर अभी तक यातायात बहाल नहीं पाया है। (जागरण फोटो)

समेला के पास सूनी पड़ी नई सुरंगें। यहां पर अभी तक यातायात बहाल नहीं पाया है। (जागरण फोटो)

HighLights

  1. मटौर-शिमला फोरलेन पर टोल दरें दोगुनी से अधिक बढ़ीं

  2. कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अभी भी अधूरे पड़े हैं

  3. वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

मनोज कुमार शर्मा, धर्मशाला। मटौर-शिमला फोरलेन का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, लेकिन वाहन चालकों को बढ़ी हुई टोल दरों का झटका लग गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने बुधवार मध्य रात्रि से टोल दरों में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी कर दी है। पहले जिस कार चालक को एक तरफ के सफर के लिए 25 रुपये टोल देना पड़ता था, अब उसे 65 रुपये देने होंगे।

व्यावसायिक वाहनों के टोल में भी दोगुना तक बढ़ोतरी की गई है। टोल दरों में बढ़ोतरी के बीच फोरलेन के कई महत्वपूर्ण काम अभी अधूरे हैं। कच्छियारी की ओर से रियुंद पुल का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस कारण नई बनी दोनों सुरंगों से आवागमन आरंभ नहीं हो पाया है।

रानीताल से आगे बालूग्लोआ में भी पुल का काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में एनएचएआइ का निर्णय लोगों के गले नहीं उतर रहा है। रोज यहां से गुजरने वाले चौपहिया वाहन चालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि फोरलेन पर निर्माण कार्य जारी है और कई महत्वपूर्ण हिस्से यातायात के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हुए हैं तो टोल दरों में इतनी बढ़ोतरी समझ से परे है।

मैं एनएचएआइ के अधिकारियों से बात करूंगा कि नई सुरंगों से आवाजाही आरंभ नहीं हुई है तो टोल दरें बढ़ाने के पीछे क्या कारण है। -हेमराज बैरवा, उपायुक्त, धर्मशाला।

अधूरी सुविधाओं के बीच दोगुने से अधिक टोल वसूलना वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है। हालांकि एनएचएआइ की ओर से जल्द अधूरे कार्य पूरे कर सुरंगों से यातायात बहाल करने का दावा किया जा रहा है। रियुंद खड्ड पर बने पुल का काम पूरा होने के बाद ही सुरंगों से आवागमन आरंभ होने की उम्मीद है। वाहन चालकों का कहना है कि पहले फोरलेन को पूरी तरह तैयार किया जाए, उसके बाद टोल दरों में बढ़ोतरी की जाए। इसी बीच वीरवार को घट्टा टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। आसपास के लोगों की मांग है कि उन्हें छूट दी जाए।

कांगड़ा से रानीताल के लिए सवारी लेकर निकला था। मैंने सवारी से 260 रुपये किराया लिया, जबकि गाड़ी के आने-जाने के 100 रुपये टोल प्लाजा में में देने पड़े। ऐसे में टैक्सी चालक क्या कमाई कर पाएंगे। -अवतार सिंह, टैक्सी चालक।

हाई कोर्ट में सुनवाई 16 को

घट्टा टोल प्लाजा पर टोल वसूली के संबंध में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई है। 22 सिंतबर को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने भारत संघ व एनएचएआइ को नोटिस जारी करके आवश्यक कदम उठाने के दिए थे।

मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भंगवार से कांगड़ा बाईपास तक पूरे हिस्से के लिए टोल लिया जा रहा है, जबकि संबंधित टनल अभी परिचालन में नहीं है और कछियारी की ओर जोड़ने भंगवार रानीताल को आपस में जोड़ने वाले पुल पर यातायात भी अभी सुचारू नहीं है।

टोल प्लाजा के पास दरक रही पहाड़ी

टोल प्लाजा के पास पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से पिछले डेढ़ माह से यहां पर वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था है। टोल दरों में दोगुना से अधिक बढ़ोतरी करना कहां तक तर्कसंगत है यह तो एनएचएआइ ही जाने, लेकिन लोगों को सुविधा भी उसके अनुरूप मिलनी चाहिए। रियूंद पुल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश यादव ने बताया कि काम पूरा होने में दो सप्ताह लग सकते हैं। चैनल लाक का कार्य जारी है और दूसरी तरफ टारिंग भी करवा दी जाएगी।