Himachal Disaster: 4468 लोगों की मौत, हिमाचल में पिछले ढाई साल में आपदा ने मचाया भीषण कहर
हिमाचल प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से 4468 लोगों की जान गई है। सरकार ने सदन में बताया कि पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है और कुछ मामले लंबित हैं। तीन वर्षों में बलात्कार, हत्या और आत्महत्या के 1462 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से कई की जांच चल रही है और कुछ न्यायालय में प्रेषित किए गए हैं।

आपदा ने हिमाचल में इस बार भी मचाई तबाही (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, धर्मशाला। हिमाचल में अढ़ाई वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 4468 लोगों की जान गई है। यह जानकारी विधायक सुख राम चौधरी के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने सदन में प्रस्तुत की। इन मौतों का कारण रोड एक्सीडेंट, पानी में बहने, पेड़ से गिरने, सर्प दंश और करंट लगने जैसी घटनाएं हैं।
सरकार ने बताया कि 4112 प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान किया गया है, जबकि 356 मामले अभी लंबित हैं। विधायक सुरेंद्र शौरी के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि हिमाचल में तीन वर्षों में 31 अक्टूबर तक बलात्कार के 1011 मामले, हत्या के 248 मामले और आत्महत्या के 203 मामले (कुल 1462 मामले) दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1313 मामलों की छानबीन पूरी हो चुकी है, जबकि 149 मामले अन्वेषणाधीन हैं।
अन्वेषणाधीन मामलों में से 148 की जांच प्रदेश पुलिस और 1 मामले की जांच सीबीआइ द्वारा की जा रही है। सरकार ने बताया कि बलात्कार के 1011 मामलों में से 115 खारिज रिपोर्ट, छह अदम पता रिपोर्ट और 72 मामले अन्वेषणाधीन हैं। 818 मामले न्यायालय में प्रेषित किए गए हैं, जिनमें से 29 में सजा मिली है और 102 को बरी किया गया है।
हत्या के 248 मामलों में 17 खारिज रिपोर्ट, छह अदम पता रिपोर्ट और 35 अन्वेषणाधीन हैं। 190 मामले न्यायालय में भेजे गए हैं। आत्महत्या के 203 मामलों में 37 खारिज रिपोर्ट, दो अदम पता और 42 अन्वेषणाधीन हैं।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।