धर्मशाला, जेएनएन। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियुंड जाने के लिए अगले माह से 50 रुपये एंट्री फीस पर्यटक को चुकानी होगी। गलू में वन विभाग की ईको टूरिज्म सोसायटी के सौजन्य से बनाई जा रही चेक पोस्ट लगभग तैयार हो चुकी है और अब इसमें केवल बिजली-पानी के कनेक्शन लगने शेष हैं। इनके लगते ही उपरोक्त व्यवस्था शुरू हो जाएगी। 

वन विभाग ने जुलाई से इस प्रक्रिया की शुरुआत करने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। यही नहीं एक समय में केवल 200 पर्यटक ही त्रियुंड जाकर टेंट लगा सकेंगे और रोजाना 200 पर्यटक ही जा सकेंगे। इससे पूर्व त्रियुंड जाने के लिए पर्यटकों की संख्या निर्धारित नहीं थी। इस कारण अत्यधिक संख्या में पर्यटक पहुंच रहे थे, लेकिन अब विभाग ने संख्या भी तय कर दी है। पिछले वर्ष से गलू में अस्थायी तौर पर पर्यटकों का पंजीकरण भी किया जा रहा है। जुलाई में जैसे ही ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होगी तो गलू के साथ-साथ देश के किसी भी कोने से पर्यटक ऑनलाइन भी पंजीकरण करवा पाएंगे। यही नहीं त्रियुंड में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए बायो शौचालय स्थापित करने की भी योजना है। वन विभाग के डीएफओ धर्मशाला प्रदीप भारद्वाज ने इस संबंध में पुष्टि की है।

  

त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों की संख्या निर्धारित

वन विभाग ने त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों की संख्या निर्धारित कर दी है। अब दिन मे पांच सौ पर्यटक भ्रमण कर सकेंगे और रात को सौ पर्यटक त्रियुंड में ठहर सकेंगे। ये कदम इसलिए उठाया गया है ताकि त्रियुंड की प्राकृतिक आवोहवा को बरकरार रखा जा सके। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर का ट्रायल सफल हो चुका है और वेबसाइट भी जल्द लांच की जाएगी। इसके बाद पर्यटक कही से भी ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेगे। इसके लिए उन्हे कुछ फीस भरनी होगी। गलू में ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था होगी। पर्यटक त्रियुंड विश्राम गृह सहित करेरी, रिड़कुमार, मला व सलोवरी मे कमरो की बुकिंग भी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन कर सकेगे।

ये मिलेगी पर्यटकों को सुविधा

त्रियुंड जाने वाले पर्यटको को फ‌र्स्ट एड की सुविधा मुहैया होगी। गलू मे चेक पोस्ट व त्रियुंड मे फ‌र्स्ट एड सेटर स्थापित किए जाएगे। इसके अलावा बचाव टीमें भी गठित की जाएंगी, जो मौके पर सहायता उपलब्ध करवाएंगी।न विभाग त्रियुंड जाने वाले पर्यटकों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए जल्द वेबसाइट व सॉफ्टवेयर लॉंच करेगा। ऑनलाइन पजीकरण के लिए पर्यटको को कुछ भुगतान करना होगा। पर्यटक वेबसाइट के माध्यम विश्रामगृह व कमरो की बुकिंग कर सकेगे।

 

By Babita