मुनीष गारिया, धर्मशाला

राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए नामित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगली में भौतिक विज्ञान के लेक्चरर राकेश कुमार वालिया ने शिक्षण कार्य को बच्चों को किताबें पढ़ाकर परीक्षा पास करवाने तक ही सीमित नहीं रखा है। उन्होंने छात्रों को विज्ञानी दृष्टि दी है। इसका प्रमाण है कि जब वे वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां में तैनात थे तो छात्र कार्तिक धीमान के नाम पेटेंट दर्ज हुआ। राकेश के नेतृत्व में उसने शौचालय की सफाई के लिए सोलर पावर चलित ब्रश बनाया। इस छात्र का चयन जापान में होने वाले इंटरनेशनल इंस्पायर कंपीटीशन के लिए भी हुआ है।

राकेश के नाम और भी उपलब्धियां हैं। 2004 से अब तक उनके 11 छात्र-छात्राएं चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस और इंस्पायर की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

सीएफएल बल्ब पर दी थी रिपोर्ट

हमीरपुर के सुजानपुर में ड्यूटी के दौरान राकेश वालिया ने खराब होने वाले सीएफएल बल्ब के निष्पादन पर अपने छात्रों से प्रोजेक्ट बनाया था। उनके प्रोजेक्ट को डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी दिल्ली ने स्वीकार किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशस्ति पत्र भी मिला है।

बतौर शिक्षक 2004 से दे रहे सेवाएं

कांगड़ा जिले की बाबा बड़ोह तहसील के भुसल गांव के राकेश वालिया 2004 से सात स्कूलों में सेवाएं दे चुके हैं। गंगथ स्कूल में रहते हुए 2004 से 2007 तक उनके सात विद्यार्थी नेशनल चिल्ड्रन साइंस कंपीटीशन में भाग ले चुके थे। पालमपुर के लाहला स्कूल के दो, सुजानपुर से एक व बगली स्कूल की शगुन मेहता नेशनल चिल्ड्रन साइंस कंपीटीशन में भाग लेने के लिए केरल गई थी। शगुन का मॉडल और प्रोजेक्ट टीवी, मोबाइल फोन, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रभाव पर था। ------------

पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में जब बच्चे अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो खुशी होती है। मेरे लिए अच्छी बात यह रही है कि जो विद्यार्थी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे हैं, वह गरीब परिवारों से संबंधित हैं। गरीब बच्चों के उत्थान के लिए हमेशा प्रयासरत रहूंगा।

राकेश कुमार वालिया, अध्यापक।

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