जागरण संवाददाता, धर्मशाला : अग्रिम खोज व बचाव विषय पर आयोजित 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय धर्मशाला के सभागार में आयोजित समापन समारोह में उपायुक्त संदीप कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। पुलिस अधीक्षक संतोष पटियाल भी उपस्थित रहे। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कागड़ा, पुलिस विभाग कागड़ा तथा राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में 32 पुलिस कर्मियों ने भाग लिया।

उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा के समय कर्तव्य और जिम्मेदारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आपदाकाल में लोगों को बचाने, घायलों के इलाज के साथ बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण अहम है। संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को हरसंभव आपदा खोज बचाव और प्राथमिक इलाज की जानकारी होनी चाहिए। आपदाकाल में सभी विभागों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसी कार्यशाला का आयोजन उपमंडल स्तर पर भी किया जाना चाहिए। उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे बैजनाथ विधान सभा क्षेत्र के चढि़यार में होने वाले जनमंच से पहले ऐसी एक कार्यशाला का आयोजन कर युवा वर्ग को प्रशिक्षण में शमिल करें। उन्होंने आम लोगों को भी प्राथमिक उपचार बारे जानकारी प्रदान करना जरूरी है। एनसीसी कैडेट्स तथा टैक्सी यूनियन के सदस्यों को भी प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में एनडीआरएफ के सहायक निरीक्षक राहुल सिंह ने जानकारी दी। प्रशिक्षण में हेड कास्टेबल अशीष कुमार प्रथम, कास्टेबल वीरेंद्र कुमार द्वितीय तथा कास्टेबल कमल जीत सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उपायक्त ने विजेताओं व शेष प्रशिक्षर्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्री सिंह, एनडीआरएफ के प्रताप सिंह, भानु, रॉबिन मौजूद रहे।

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