दलाई लामा की दीर्घायु के लिए मैक्लोडगंज में विशेष प्रार्थना, बौद्ध मंदिर में जुटे 5000 श्रद्धालु और भिक्षु
मैक्लोडगंज के मुख्य बौद्ध मंदिर में 14वें दलाई लामा के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित ...और पढ़ें

बौद्ध मंदिर मैक्लोडगंज में भिक्षुओं व श्रद्धालुओं के बीच दलाई लामा। सौजन्य तिब्बती प्रशासन
HighLights
दलाई लामा की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य हेतु प्रार्थना।
मैक्लोडगंज बौद्ध मंदिर में 5000 से अधिक श्रद्धालु जुटे।
शांति, करुणा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर जोर दिया गया।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। तिब्बती धर्मगुरु 14वें दलाई लामा के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में विशेष प्रार्थना हुई। समारोह में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं और तिब्बती समुदाय के लोगों ने भाग लिया। आयोजन तिब्बती इंस्टीट्यूट आफ परफार्मिंग आर्ट्स (टीआइपीए), नोरबुलिंगका संस्थान और नेपाल तिब्बती ल्हामो एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से किया। इसमें तिब्बती पारंपरिक कला, रंगमंच और ओपेरा से जुड़े वर्तमान और पूर्व सदस्यों के साथ भारत व नेपाल के तिब्बती समुदाय के लोग शामिल हुए।
तिब्बतियों ने दलाई लामा के प्रति आस्था और सम्मान व्यक्त किया। उनके करुणा, नैतिक आचरण और शांति के संदेश को याद करते हुए विश्व शांति तथा तिब्बती समुदाय की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए भी प्रार्थना की गई।
ज्ञान प्राप्त करने के मूल्य हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण
इस अवसर पर मौजूद तिब्बती कलाकारों ने कहा कि दुनिया भर के तिब्बती लोग दलाई लामा के प्रति गहरी श्रद्धा और स्नेह रखते हैं तथा उनके लंबे जीवन और मार्गदर्शन की कामना करते हैं। दलाई लामा उनके आध्यात्मिक जीवन का आधार हैं। उनकी शिक्षाएं और जीवनशैली लोगों को खुशहाल व शांतिपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने कहा कि सदाचार, समझ और ज्ञान प्राप्त करने के मूल्य हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं, चाहे उसका धर्म कोई भी हो। दलाई लामा के निकट रहकर उनसे सीखना उनके लिए सम्मान की बात है।
बौद्ध शिक्षाएं देती हैं जीवनभर सीखने की प्रेरणा
मठ के एक समूह के साथ समारोह में शामिल होना उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से विशेष अनुभव रहा। बौद्ध शिक्षाएं जीवनभर सीखने की प्रेरणा देती हैं। भिक्षुओं की उपस्थिति और आध्यात्मिक वातावरण ने उनके मन पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि वह इस अनुभव को हमेशा याद रखेंगी।
शांति व करुणा का संदेश फैलाने की कामना
समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी दलाई लामा के प्रति आस्था और सम्मान का प्रतीक रही। इस दौरान उनके अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और विश्व में शांति व करुणा का संदेश निरंतर फैलने की कामना की गई।
