जागरण संवाददाता, कांगड़ा : संतुलित आहार ही स्वस्थ जीवन का आधार है। अगर आहार संतुलित नहीं होगा तो शरीर को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाएंगे। गंभीर विषय तो यह है कि हम संतुलित आहार के लिए कितने जागरूक हैं। पड़ताल में पता चला कि संतुलित आहार बहुत बड़ा व गंभीर विषय होने के बावजूद इसे हलके में लेकर परेशानी में पड़ जाते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार खाने की जरूरत होती है। संतुलित आहार शरीर को मजबूत बनाता है तथा रोगों से लड़ने के लिए उसकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही दिमाग को तेज तथा स्वस्थ बनाता है। सरकारें अपने स्तर पर विभिन्न जागरूकता अभियान चला रही हैं। हरि सब्जियां व दालें खाने के बाद कसरत करने से लोग तंदुरुस्त रहते थे, लेकिन वर्तमान परिपेक्ष्य में तला, भुना खाना व जंक फूड की तरफ बढ़े रुझान ने भी कई तरह के संकट न केवल व्यस्कों में बल्कि बच्चों को भी कई बीमारियों का शिकार बना दिया है।

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मध्यम परिवार से संबंध रखते हैं। सीजन की सब्जियों करे आहार में शामिल किया जाता है। ज्यादातर हरि सब्जियां खाते हैं। बच्चे तो ज्यादातर चाऊमिन व मोमो को पसंद करने लगे हैं, जबकि पहले इस तरह के आहार नहीं थे।

-बलविंद्र ¨सह, कांगड़ा।

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संतुलित आहार लेना चाहिए, लेकिन अक्सर होता यह है कि जो भी खाना बनता है उसे ग्रहण कर लिया जाता है। हर दिन संतुलित भोजन की तरफ कोई विशेष ध्यान हीं रखा जाता। इसके लिए कोई निर्धारित बजट भी तय नहीं है।

-विपिन मेहरा, कांगड़ा।

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साधन संपन्न परिवार है। बेहतर संतुलित भोजन ही परोसा जाता है, लेकिन परिवार में बच्चे जंक फूड की ज्यादा जिद करते हैं। बच्चों को कम से कम जंक फूड देते हैं। सभी अभिभावकों से भी आग्रह है कि कम से कम जंक फूड बच्चों को दें।

-अनुज गुप्ता, कांगड़ा।

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ज्यादा जंक फूड का प्रयोग जहर समान है। संतुलित आहार न लेना व जंक फूड लेना आज की युवा पीढ़ी व बच्चों की आदत बन गई है। जंक फूड का प्रयोग हो रहा है। इसके लिए अभिभावकों को खुद भी जागरूक होना होगा। संतुलित भोजन के अभाव में कुपोषण व अनीमिया सहित अन्य रोग घर कर लेते हैं।

-डॉ. नीतू शर्मा, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा।

Posted By: Jagran