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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

WhatsApp Down: वाट्सएप बंद रहने पर यूजर बोले- इसे भी ग्रहण लग गया

By Jagran NewsEdited By: Virender Kumar
Published: Tue, 25 Oct 2022 07:07 PM (IST)

WhatsApp Down डिजिटल इंडिया के दौर में वाट्सएप फेसबुक मैसेंजर टि्वटर आदि लोगों की जरूरत बन गए हैं। मंगलवार को ...और पढ़ें

WhatsApp Down: मंगलवार को करीब डेढ़ घंटे तक वाट्सएप बंद रहा।
WhatsApp Down: मंगलवार को करीब डेढ़ घंटे तक वाट्सएप बंद रहा।

चंबा, संवाद सहयोगी। WhatsApp Down, डिजिटल इंडिया के दौर में वाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर, टि्वटर आदि लोगों की जरूरत बन गए हैं। मंगलवार को वाट्सएप यूजर करीब डेढ़ घंटे तक काफी परेशान हुए। लोगों ने कहा कि आज सूर्य ग्रहण के दिन वाट्सएप को भी ग्रहण लग गया। वाट्सएप के कार्य न करने पर यूजर एक-दूसरे को काल कर समस्या बताने लगे। कई यूजर को तो लगा कि फोन व साइट्स में दिक्कत आने से वाट्सएप नहीं चल पा रहा है। जब एक-दूसरे को फोन कर जानकारी जुटाई तो पता चला कि वाट्सएप साइट ही ठप पड़ गई है।

यह बोले यूजर्स

चंबा के प्रेम लाल ने कहा कि न तो वाट्सएप पर मैसेज जा पा रहे थे और न ही फोटो वीडियो। वाट्सएप के माध्यम से काल करने का भी प्रयास किया, लेकिन यह भी कट हो रही थी। बाद मैंने दूसरे को फोन कर समस्या बताई तो वहां से भी उपरोक्त जवाब आया। दिनेश कुमार ने कहा कि एक घंटे से अधिक समय तक वाट्सएप को कई बार चेक किया। इस तरह किशन चंद ने कहा कि यह पहला मौका है कि इतने लंबे समय तक वाट्सएप बंद रहा है। वहीं, लक्की ठाकुर ने कहा कि वाट्सएप चलने के बाद इंटरनेट मीडिया पर वाट्सएप के ठप रहने को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही थी। यह किस बजह से हुआ इसकी जानकारी यूजर को होना आवश्यक है।

सूर्य ग्रहण के दौरान श्री चामुंडा मंदिर के कपाट किए बंद

सूर्य ग्रहण के चलते श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर के कपाट सूतक काल में करीब दो बजे बंद कर दिए गए। इस दौरान श्रद्धालु बाहर से दर्शन कर सकें। पूजा अर्चना तथा प्रसाद, मौली टीका नहीं लगाया गया। हालांकि भारत में सूर्य ग्रहण का समय 4.42 मिनट से लेकर 5:45 मिनट तक था। इस दौरान मंदिर के कपाट पूर्णतया बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी ओम व्यास ने बताया कि ग्रहण समाप्ति पर मां को विधि विधान से पुनः स्नान इत्यादि कर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ उनके कपाट खोल दिए।