संवाद सूत्र, चन्हौता : ग्राम पंचायत उलांसा के तहत खड़ामुख बाजार व गांव के चमेरा चरण तीन के डैम में समाने का खतरा बढ़ गया है। उक्त बाजार डैम के साथ ही है। बाजार तथा गांव को डैम में समाने से बचाने के लिए चमेरा चरण तीन प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण स्थानीय लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। जरा-सी भी जमीन धंसने पर बाजार, गांव व चंबा-भरमौर मार्ग डैम में समा सकते हैं।

स्थानीय निवासी कंचन शर्मा, राहुल शर्मा, केवल कृष्णा, रतन, हरी, कपिल, ओम प्रकाश, कर्म चंद सहित अन्य का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी डैम के कारण बाजार में दरारें आ गई थीं। इससे जब डैम का पानी छोड़ा जाता है तो जमीन के धंसने का खतरा पैदा हो जाता है। हालांकि, एनएचपीसी की ओर से एक तरफ तो कंकरीट की दीवार खड़ी की गई है, लेकिन अभी तक पूरे बाजार व गांव की सुरक्षा के लिए बहुत बड़े हिस्से पर कंकरीट की दीवार लगाई जानी बाकी है। लेकिन एनएचपीसी प्रबंधन इस ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि एनएचपीसी की ओर से जल्द ही बाजार तथा गांव के निचली तरफ कंकरीट की दीवार नहीं लगाई जाती है, तो ग्रामीण एनएचपीसी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।

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कंकरीट की दीवार लगाने के लिए कई बार प्रस्ताव पास कर प्रशासन तथा एनएचपीसी प्रबंधन को सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद आज तक सुरक्षा के लिहाज से कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में यदि गांव व बाजार में कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी एनएचपीसी तथा प्रशासन की होगी।

-कुशला शर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत उलांसा।

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मामला ध्यान में है। लोगों की ओर से बाजार तथा गांव के निचली तरफ डैम साइट पर कंकरीट की दीवार लगाने का आग्रह किया गया है। एनएचपीसी की ओर से जल्द कंकरीट की दीवार लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

- मदन लाल, चीफ इंजीनियर चमेरा चरण तीन।

Posted By: Jagran