विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'समय पर उपचार और रेफर भी, पर नहीं पहुंची एंबुलेंस'; चंबा में महिला ने रास्ते में तोड़ा दम 

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:13 PM (IST)

चंबा के कुम्हारका में घास लाते समय एक महिला ढांक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे टांडा ...और पढ़ें

चंबा में महिला ने रास्ते में तोड़ा दम। फोटो जागरण

चंबा में महिला ने रास्ते में तोड़ा दम। फोटो जागरण 

HighLights

  1. चंबा में घास लाते समय महिला ढांक से गिरी।

  2. टांडा रेफर की गई महिला ने रास्ते में दम तोड़ा।

  3. परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर देरी का आरोप लगाया।

जागरण संवाददाता, चंबा। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत कुमहारका पंचायत में घास लाने जा रही एक महिला ढांक में गिर गई। घटना में बुरी तरह से घायल हो गई। महिला को उपचार के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला की नाजुक हालत को देखते हुए टांडा रैफर कर दिया, लेकिन रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया।

मृतक महिला की पहचान बोबी देवी (36) पत्नी पवन कुमार निवासी गांव कुम्हारका डाकघर उटीप जिला चंबा के रूप में हुई है। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कर घटना के कारणों की जांच आरंभ कर दी है। परिजनों ने महिला की मौत के लिए 108 एंबुलेंस प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।

उसके भतीजे अमित कुमार ने आरोप लगाया कि वह सुबह घायल को करीब 7 बजे मेडिकल कॉलेज ले आए थे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायल को टांडा रेफर कर दिया गया, लेकिन करीब पौने 10 बजे एंबुलेंस पहुंची, जिसके बाद घायल को टांडा ले जाया गया, लेकिन बाथरी पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।

दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला का पोस्टमार्टम करवाया गया तथा शव परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए।

कभी टायर बदलने तो कभी डीजल भरवाने का देते रहे आश्वासन

महिला के भतीजे अमित ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब साढ़े 7 बजे काॅल करने के बाद उन्हें कभी एंबुलेंस के टायर बदलने तो कभी डीजल भरवाकर जल्द पहुंचने का आश्वासन मिलता रहा। इस कारण वह दूसरी निजी एंबुलेंस को भी हायर नहीं कर पाए।

कई बड़े नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से फोन करवाने के बाद एंबुलेंस मुहैया हो पाई, लेकिन देरी से पहुंची एंबुलेंस का कोई लाभ मरीज को बचाने के लिए नहीं हो पाया। वहीं बाथरी में जब मरीज की मौत हो गई तो शव को वापस लाने में आनाकानी 108 की तरफ से की गई तथा अपनी निजी गाड़ी हायर करने की बात कही। जिस पर भी काफी समय लग गया।

सुबह 8:24 बजे चंबा मेडिकल कॉलेज से 108 एंबुलेंस की आवश्यकता को लेकर फोन आया था। सूचना मिलते ही बालू से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रवाना कर दिया गया था। एंबुलेंस पुलिस लाइन के पास पहुंची ही थी कि 8:54 बजे दोबारा फोन आया। इस दौरान बताया गया कि मरीज के लिए सामान्य एंबुलेंस के बजाय वेंटिलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस की आवश्यकता है।

इसके बाद पुलिस लाइन के पास पहुंची सामान्य एंबुलेंस को वापस कर वेंटिलेटर वाली एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वेंटिलेटर सुविधा वाली एंबुलेंस सुबह 9:12 बजे मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंच गई थी। इसके बाद मरीज को एंबुलेंस में लेकर करीब 9:30 बजे टांडा के लिए रवाना किया गया।

रास्ते में बाथरी के पास मरीज की मौत हो गई। निर्धारित नियमों के अनुसार मरीज की मृत्यु होने के बाद एंबुलेंस में शव को वापस लाने का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए 108 एंबुलेंस कर्मियों ने उसी एंबुलेंस में मृतका के शव को चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

- सुनील धर, जिला समन्वयक, 108 एंबुलेंस सेवा

 

एंबुलेंस मे देरी या नही इसको लेकर 108 एंबुलेंस प्रबंधन से घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा गया है। उपलब्ध तथ्यों, एंबुलेंस सेवा की समयबद्धता तथा पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

- डॉ. प्रदीप,एमएस, मेडिकल कॉलेज चंबा