मणिमहेश डल झील में राधाष्टमी स्नान शुरू, 13500 फीट की ऊंचाई पर 16 हजार श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के राधाष्टमी स्नान का विधिवत शुभारंभ हो गया है। पहले दिन 13,500 फीट ...और पढ़ें

मणिमहेश डल झील में स्नान करते श्रद्धालु। फोटो जागरण
HighLights
श्री मणिमहेश यात्रा का राधाष्टमी स्नान विधिवत शुरू हुआ।
पवित्र डल झील में 16 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
शिव चेलों ने पारंपरिक विधि से डल झील पार करने की रस्म निभाई।
संवाद सहयोगी, भरमौर (चंबा)। उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव राधाष्टमी के पावन स्नान का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। समुद्र तल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र डल झील में पहले दिन करीब 16 हजार श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बीच आस्था की डुबकी लगाई।
सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, पारंपरिक शिव चेलों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद डल झील को पार करने की रस्म निभाई गई, जिसके तुरंत बाद आम श्रद्धालुओं के लिए पावन स्नान शुरू हुआ। गत करीब चार दिनों में भारी तादाद में श्रद्धालु डल झील पहुंचे थे। इनमें 14 सितंबर को 2,985, 15 सितंबर को 2,605 और 16 सितंबर को 3,852 श्रद्धालुओं ने भरमौर से आगे कूच किया था।

16 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे मणिमहेश
17 सितंबर को मौसम खराब रहने के बावजूद अनुमानित सात हजार श्रद्धालु और शिव चेले डल झील के लिए रवाना हुए थे। इस प्रकार 14 से 17 सितंबर के बीच ही कुल 16,442 श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे थे, जो राधाष्टमी स्नान के लिए झील परिसर के आसपास सुरक्षित पड़ावों पर रुके हुए थे। शुक्रवार 18 सितंबर को रवाना हुए नए यात्रियों की संख्या इस आंकड़े से अलग है।
पवित्र डल झील में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने साक्षात शिव स्वरूप मणिमहेश कैलाश पर्वत के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगीं। स्नान का क्रम पूरा होने के बाद कई श्रद्धालुओं ने भरमौर की ओर वापसी का सफर शुरू कर दिया है।

उधर, एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि पवित्र राधाष्टमी स्नान को लेकर सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। शनिवार को आखिरी दिन श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
