संवाद सहयोगी, सलूणी : उपमंडल सलूणी के तहत आने वाली पंचायत द्रेकड़ी के छह से अधिक गांव पिछले कई दिनों से पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। गर्मी के शुरुआती दिनों से ही यह लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं टपक रही है, जिससे गांववासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग कई किलोमीटर दूर से प्राकृतिक जल स्त्रोतों से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों को मवेशियों को पानी पिलाने में भी परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अपने जरूरी कार्य को छोड़कर कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उनका सारा दिन बर्बाद हो जाता है। इतना ही नहीं मवेशियों को पानी पिलाने के लिए कई किलोमीटर दूर नाले में ले जाना पड़ रहा है।

पंचायत के तहत आने वाले गांव जलोह, खनकुड, नेलबी, तलाई, चौगन, अल्लून, बौठी के लोगों का कहना है कि वह पीने के लिए पानी तो दूर प्राकृतिक जल स्त्रोतों से ले आते हैं, लेकिन खाना बनाने सहित अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी पूरा करना मुश्किल हो जाता है। इतना ही नहीं गर्मी आने पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों में भी पानी कम हो गया है। उन्होंने कई बार सरकार, प्रशासन व जल शक्ति विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन समस्या को लेकर अभी तक किसी ने भी ठोस कदम नहीं उठाया है।

उधर, बीडीसी सदस्य सियुंला विनोद शर्मा सहित लोगों ने एक बार फिर जल शक्ति विभाग, प्रशासन से मांग कि है कि जब तक गांव के लिए पानी की समस्या का सही समाधान नहीं निकलता तब तक के लिए टैंकर से गांव के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही गांव के लिए बोरबेल या फिर किसी अन्य स्कीम से पानी लाकर समस्या का सही समाधान किया जाए।

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