संवाद सहयोगी, मैहला : हिमपात व बारिश के बाद चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैहला के पास पहाड़ दरकने का खतरा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया तो यह पहाड़ कभी भी कहर बरपा सकता है। मैहला पुल के ऊपरी भाग में करीब सौ से दो सौ मीटर के दायरे में पहाड़ी ने अपनी जगह छोड़ दी है। इस स्थान पर खेतों में भी दो फीट से अधिक दरारें आ गई हैं। एनएच प्रबंधन व प्रशासन ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो इस स्थान पर बड़ा हादसा हो सकता है। यहां पर आए दिन भूस्खलन हो रहा है। पहले भी कई गाड़ियों पर पत्थर गिर चुके हैं। पहाड़ी दरकने के संबंध में दैनिक जागरण ने प्रमुखता से मामला उठाया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

किन्नौर के न्यूगलसेरी की तरह पैदा न हों हालात

बरसात में किन्नौर जिले के न्यूगलसेरी के पास एनएच पर पहाड़ी गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। निगम की बस समेत कई गाड़ियां इसकी चपेट में आई थीं और कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा था। मैहला के समीप समय रहते सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है।

एक घर में भी आई दरारें

मैहला के ऊपर पहाड़ी में दरारें आने से एक घर को खतरा पैदा हो गया है। बारिश के बाद घर में दरारें आ गई हैं। इससे ठंड में परिवार के सदस्यों की रात की नींद उड़ गई है। यह परिवार भय के साये में जीवन व्यतीत कर रहा है।

मैहला पुल को भी हो सकता है खतरा

पहाड़ी दरकने से मैहला पुल को भी खतरा पैदा हो सकता है। पहाड़ी गिरती है तो चंबा-मैहला को जोड़ने वाले रावी नदी पर बना पुल भी इसकी चपेट में आ सकता है। इससे काफी नुकसान हो सकता है।

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एनएच पर की जा रही ब्लास्टिग से खतरे को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व प्रशासन को अवगत करवाया था। कई बार उपायुक्त को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था। इसके बावजूद अभी तक एनएच प्रबंधन व प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। मैहला के पास कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए एनएच प्रबंधन व प्रशासन खतरे को टालने के लिए समय रहते उचित कदम उठाएं।

-भुवनेश सिंह कटोच, उपप्रधान, पंचायत मैहला

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जिस तरह जिले के अन्य स्थानों पर पहाड़ी दरकने के खतरे को कम करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी की राय अनुसार कार्य हुआ है, उसी तरह मैहला के समीप कदम उठाए जाएंगे। एक्सपर्ट कमेटी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के बाद जो राय देगी, उसके आधार कार्य आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि खतरे को कम किया जा सके।

-राजीव कुमार, अधिशाषी अभियंता एनएच चंबा

Edited By: Jagran