संवाद सहयोगी, चंबा : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा द्वारा भूरी सिंह संग्रहालय में गैर संचारी रोग की जांच तथा प्रबंधन के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिलाभर के 23 चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनसीडी) डॉ. हरित पुरी ने बताया कि भारत में करीब 53 प्रतिशत मौतें कार्डियोवासकुलर रोग (हृदय एवं फेफड़े), मधुमेह, कैंसर और स्ट्रोक जैसे गैर संचारी रोगों से होती हैं।

हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री निरोग योजना शुरू की है, जिसमें 18 साल से अधिक आयु की सभी आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा हेल्थ कार्ड एप पर स्थिति को डिजिटल रूप दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें सही उपचार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष आशा कार्यकर्ता एनसीडी कार्ड के माध्यम से 18 वर्ष से अधिक के लोगों की स्क्रीनिग करने के लिए घर-घर जाएंगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता तीन वर्ष में एक बार मधुमेह, रक्तचाप और अन्य गैर संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिग करेंगे। चिकित्सक पांच वर्ष में एक बार स्क्रीनिंग करेंगे। उन्होंने स्वास्थ्य, जीवनशैली, आहार में फलों का सेवन, कम नमक, कम चीनी और सप्ताह में पांच दिन के लिए न्यूनतम तीन किलोमीटर तक चलने पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरमीत कटोच, डॉ. रणजीत कौर, डॉ. जालम भारद्वाज सहित कई अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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