संवाद सहयोगी, भरमौर : राधाष्टमी स्नान के लिए भद्रवाह के श्रद्धालु भरमौर हेलीपैड पर जुटने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु बुधवार को दैवीय छड़ियों के साथ भरमौर मुख्यालय पहुंचे। इन श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर अपनी छड़ियां व देव चिह्न स्थापित कर दिए। ऐसे में दोपहर बाद भरमौर से गौरीकुंड के लिए हेली टैक्सी की कोई भी उड़ान नहीं हो पाई। श्रद्धालु आगामी दो दिन तक भरमौर हेलीपैड पर ही जमे रहेंगे। ऐसे में यहां से उड़ानें हो पाना काफी मुश्किल है। हेलीकॉप्टर उड़ानें बंद होने के साथ ही एविएशन कंपनियों ने अपने टिकट बिक्री काउंटर भी बंद कर दिए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं को ठहराने के लिए राजकीय महाविद्यालय, युवक मंडल व साडा के सराय भवन में भी व्यवस्था की गई है। चौरासी मंदिर व ग्राम पंचायत भरमौर द्वारा पंचायत भवन में हजारों श्रद्धालुओं को आश्रय दिया है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। सैकड़ों शिवभक्तों ने आसपास के गांवों बाड़ी, मलकौता, सचूई में भी रात्रि ठहराव के लिए पनाह ली है। वीरवार तक भद्रवाही श्रद्धालुओं के भरमौर पहुंचने का क्रम जारी रहेगा। हालांकि, बुधवार को मौसम साफ रहने के चलते दोपहर तक हेली टैक्सी की उड़ानें जारी रहीं। दोपहर तक करीब 39 उड़ानें हो सकीं, जिसमें तीन सौ से अधिक श्रद्धालु भरमौर से गौरीकुंड तथा गौरीकुंड से भरमौर तक पहुंचे। इसके बाद जैसे ही भद्रवाही श्रद्धालुओं के हेलीपैड पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो उड़ानें बंद कर दी गई।

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श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक है, जिन्हें ठहराने के लिए प्रशासन व सरकार के पास पर्याप्त स्थान नहीं है। इस कारण इन्हें हेलीपैड पर ठहरने की अनुमति प्रदान की गई है। हेलीकॉप्टर को हेलीपैड के एक किनारे रखा गया है। अब उड़ानें 14 सितंबर तक ही संभव हो सकेंगी।

पीपी ¨सह, एडीएम भरमौर।

Posted By: Jagran