संवाद सहयोगी, चंबा : चरपट नाथ मंदिर से बुधवार को मणिमहेश के लिए छड़ी यात्रा रवाना हो गई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के साथ बड़ी संख्या में यात्रा में लोगों ने भाग लिया। यह यात्रा विभिन्न स्थानों पर पड़ाव लगाती हुई मणिमहेश पहुंचेगी। बुधवार शाम यह छड़ी यात्रा अपने पहले पड़ाव जुलाहकड़ी के लिए निकली। चरपट नाथ के पुजारी ने चरपट नाथ के चिह्न को उठाकर यात्रा की अगुवाई की। छड़ी जुलाहकड़ी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। चरपट नाथ की छड़ी यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर रात्रि विश्राम के बाद राधा अष्टमी के शाही स्नान के बाद चंबा मुख्यालय लौटेगी। हर वर्ष चंबा नगर से मणिमहेश के लिए दो यात्राएं निकलती हैं, जिसमें एक दशनाम की छड़ी मुबारिक तो दूसरी चरपट के चिह्न की निकलती है। सोमवार को दशनाम की छड़ी मुबारिक ने मणिमहेश के लिए प्रस्थान किया तो बुधवार को चरपट की चिह्न यात्रा मणिमहेश के लिए रवाना हो गई। इस मौके पर लोगों ने पूजा-अर्चना भी की।

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