मिथुन ठाकुर, चंबा

थाना चंबा के तहत चंबा-उटीप-सेरी मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आकर हुई कार दुर्घटना से तीन परिवारों के दीपक बुझ गए। रविवार को तीनों का उनके पैतृक गांव स्थित श्मशानघाट पर एकसाथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। भरेनी गांव निवासी 32 वर्षीय कुशल शनिवार शाम के समय जब घर लौट रहा था तो पत्नी व दो वर्षीय बच्ची उसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पत्नी ने सुख शांति के लिए शनिवार का व्रत भी रखा हुआ था ताकि परिवार पर किसी तरह का कोई भी संकट न आए लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

पत्नी ने कुशल को फोन किया तथा जल्द घर पहुंचने को कहा ताकि पूरा परिवार एकसाथ मिलकर खाना खा सके। जबकि बच्ची को पिता से चॉकलेट की आस थी। इसके बाद काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो पत्नी को चिता सताने लगी। पत्नी ने फिर से फोन किया लेकिन इस बार कोई भी जवाब नहीं आया। कुछ ही देर बाद उन्हें कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली तो पैरों तले जमीन खिसक गई।

वहीं कुम्महारका निवासी 27 वर्षीय नवीन की ढाई साल की बच्ची भी उसका इंतजार कर रही थी जबकि 17 वर्षीय अक्षय का परिवार भी इसी इंतजार में था कि बेटा घर आएगा तो सभी मिलकर खाना खाएंगे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। घर के तीनों चिराग एक अनहोनी का शिकार होकर इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए। हादसे की सूचना जैसे ही स्वजन व ग्रामीणों को मिली तो वे सीधा घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घटनास्थल पर रात के समय काफी भयावह मंजर था। रविवार को अंतिम संस्कार में सदर विधायक पवन नैयर भी मौजूद रहे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।