-वर्षा के पानी को एकत्रित करने के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक

संवाद सहयोगी, चंबा : ग्लोबल वार्मिग का असर अब खेत खलिहानों पर भी पड़ने लगा है। दिन प्रतिदिन कम हो रही बर्फबारी एवं बारिश के चलते जलस्तर में निरंतर गिरावट आने लगी है। यही कारण है कि आज कई प्राकृतिक जल स्त्रोत सूख गए हैं, तो कई सूखने की कगार पर हैं। ऐसी स्थित में इंसान की ओर से सहेजा जल ही आने वाले समय में उसके व खेत खलिहानों के लिए संजीवनी बन सकता है। इसी जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने को लेकर जल शक्ति विभाग चंबा ने कार्यालय में जल शक्ति केंद्र स्थापित किया है।

भारत सरकार की ओर से शुरू किए गए जल शक्ति अभियान के मध्य नजर वर्षा जल संग्रहण सहित पानी की उपयोगिता, महत्व व इसे व्यर्थ न गंवाने जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर इस केंद्र के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान की जाएगी। विभाग की ओर से वर्षा जल को एकत्रित करने यानी कैच दी रेन अभियान के तहत वर्षा जल को एकत्रित करने वाले गड्ढे, चैक डैम आदि बनाने, जलाशयों की संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए उनमें अतिक्रमण दूर करने और उनमें जमा गाद हटाने, बारिश के पानी को जलाशयों तक लाने वाले मार्गो को साफ करने जैसे विषयों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत परंपरागत जल स्त्रोतों की मरम्मत करने और वर्षा जल को दोबारा जमीन में डालने के लिए इस्तेमाल करने जैसी गतिविधियों को अपनाने की जानकारी भी प्रदान की जाएगी, ताकि मौजूदा सूखे जैसी स्थिति होने पर संरक्षित किए गए इस जल का इस्तेमाल किया जा सके।

विभाग की ओर से जिला स्तर पर स्थापित किए जल शक्ति केंद्र के माध्यम से खुद अधिशासी अभियंता डिजाइन विग देशराज की ओर से लोगों को विशेष रूप से घरों में छत से वर्षा जल संग्रहण के महत्व के बारे में तकनीकी मार्गदर्शन व जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। कैच दी रेन अभियान के तहत वर्षा जल को एकत्रित करने वाले गड्ढे, चैक डैम आदि बनाने, जलाशयों की संग्रहण क्षमता बढ़ाने आदि प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से जल शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है, ताकि लोग वर्षा जल संग्रहण के लिए आगे आएं।

रणजीत सिंह, चौधरी अधीक्षण अभियंता जल शक्ति वृत्त चंबा।

Edited By: Jagran